Window AC Vs Split AC
Window AC Vs Split AC
गर्मियों के मौसम में गर्मी से राहत पाने के लिए एसी का काफी इस्तेमाल होता है. इस मौसम में तापमान इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि कमरे को ठंडा करने वाला यह एसी खुद गर्म होकर ब्लास्ट हो जाता है. ऐसे में बड़ा सवाल यही उठता है कि एसी को ब्लास्ट होने से कैसे बचाया जाए. मार्केट में मुख्य रूप से दो प्रकार के एसी मौजूद रहते हैं. पहला होता है विंडो और दूसरा होता है स्पिल्ट.
विंडो एसी आमतौर पर छोटी जगह में ठंडक पाने के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है. यह सस्ता भी होता है, साथ ही जगह भी कम लेता है. वहीं स्प्लिट एसी की बात करें तो यह बड़ी जगह में ठंडक ज्यादा बेहतर तरीके से फैलाता है, लेकिन यह विंडो एसी जितना किफायती नहीं होता है. लेकिन इन दोनों टाइप के एसी में ब्लास्ट होने के चांस किसके ज्यादा होते हैं.
स्प्लिट एसी बनाम विंडो एसी
स्प्लिट एसी में जहां दो यूनिट होते हैं. जिसमें एक इंडोर होता है और दूसरा आउटडोर. इसमें एसी कंप्रेसर आउटडोर यूनिट में लगा होता है. जो आमतौर पर इंडोर यूनिट से काफी दूर होता है. लेकिन यहां दोनों यूनिट को आपस में एक कॉपर केबल रहती है. इसकी केबल से ठंडी हवा इंडोर यूनिट तक आती है और रूम ठंडा करती है. लेकिन अगर केबल में कहीं पर लिकेज हो जाए तो ब्लास्ट के चांस बढ़ जाते हैं.
वहीं विंडो एसी की बात करें तो यह एक ही यूनिट होता है. यानी इसमें कंप्रेसर उसी यूनिट में रहता है जहां से हवा आती है. यहां कॉपर केबल बहुत छोटी होती है. यानी अगर लीकेज होती भी है तो वह आसानी से पता लग जाती है. जबकि स्प्लिट एसी की कॉपर केबल लंबी होती है और पता लगने में समय लग जाता है कि कहां से लीकेज हो रही है. इसलिए यहां ब्लास्ट के चांस ज्यादा रहते हैं.
कैसे बचा जा सकता है ब्लास्ट से
ब्लास्ट दोनों प्रकार के एसी में हो सकता है, लेकिन अगर कुछ सावधानियों को बरता जाए तो इससे बचा भी जा सकता है. इसमें सबसे जरूरी होती है कि सीजन की शुरुआत में ही एसी की सर्विस करवा ली जाए. इससे इस बात का जल्दी पता लग जाता है कि कहीं लीकेज तो नहीं है. साथ ही अगर आपको लीकेज का जरा भी शक होता है तो फौरन एसी इस्तेमाल करना बंद कर दें और इसे रिपेयर करवाएं. इसके अलावा एसी का बहुत ज्यादा इस्तेमाल भी ना करें. एसी को चलाते समय उसे थोड़ी-थोड़ी देर बाद कर दें, ताकि वह थोड़ा ठंडा हो सके.