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यूपी का भविष्य बदल देगा डिफेंस कॉरिडोर, 5 सालों में 25 हजार करोड़ के निवेश से 22 हजार नौकरियों की उम्मीद

देश के 2 सबसे डेडिकेटेड डिफेंस कॉरिडोर में से एक उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में अगले 5 साल में 25 हजार करोड़ से ज्यादा के नए निवेश की उम्मीद है. इससे 20 हजार से ज्यादा सीधी नौकरियां भी मिलने की उम्मीद हैं. डिफेंस कॉरिडोर में कानपुर सबसे बड़े निवेश का केंद्र बनकर उभरा है. इस जगह 12948 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं.

UP Defence Industrial Corridor (Photo/ PTI File) UP Defence Industrial Corridor (Photo/ PTI File)

रक्षा उद्योग में उत्तर प्रदेश नई बुलंदियों को छूने लगा है. उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में अगले 5 सालों में करीब 25 हजार करोड़ के नए निवेश होने की उम्मीद है. इससे 20 हजार से 22 हजार सीधी नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है. इससे यूपी देश के प्रमुख डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के तौर पर उभर रहा है.

रोजगार के मिलेंगे मौके-
उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के 6 नोड्स में पहले से ही ऑपरेशनल मैन्युफैक्चरिंग फैसलिटी में निवेश हो चुका है. इससे इंडस्ट्रियल ग्रोथ को रफ्तार मिल रही है. इससे रोजागर के नए मौके मिल रहे हैं और इसे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिल रही है.
 
सबसे बड़े निवेश के तौर पर उभरा है कानपुर-
डिफेंस कॉरिडोर में कानपुर सबसे बड़े निवेश का केंद्र बनकर उभरा है. इस जगह 12948 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं. जबकि दूसरे नंबर पर झांसी आता है. इस शहर में 12190 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है. लखनऊ का नंबर तीसरे नंबर पर है. राज्य की राजधानी भी डिफेंस कॉरिडोर में निवेश के तौर पर उभर रही है. लखनऊ ने 4850.67 करोड़ का निवेश अट्रैक्ट किया है. इसके साथ ही अलीगढ़ में 4581 करोड़, चित्रकूट में 4392 करोड़ और आगरा में 607 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं.
 
कई कंपनियों ने शुरू किया काम-
यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट में काम भी शुरू कर दिया है. इसमें भारत डायनेमिक्स, अडानी डिफेंस, डीआरडीओ की ब्रह्मोस फैसिलिटी के साथ कई MSMEs शामिल हैं.

राज्य सरकार ने भी निवेश को अट्रैक्ट करने के लिए कई कदम उठाए हैं. सरकार के जरिए एंकर यूनिट्स और सप्लायर्स  को जमीन उपलब्ध कराना, फास्ट-ट्रैक क्लियरेंस और डिफेंस एंड एयरोस्पेस पॉलिसी के तहत इंसेंटिव दिए जा रहे हैं. सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा डिफेंस कंपनियां सूबे में अपनी यूनिट स्थापित करें और घरेलू प्रोडक्शन को बढ़ावा मिले.

उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर देश के 2 डेडिकेटेड डिफेंस कॉरिडोर में से एक है. एक कॉरिडोर तमिलनाडु में है और दूसरा यूपी में है. इसका मकसद डिफेंस सेक्टर में इंपोर्ट पर निर्भरता को कम करना है और देश में मजबूत डोमेस्टिक डिफेंस ईको-सिस्टम तैयार करना है.

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