Wi-Fi router
Wi-Fi router
आज के समय में इंटरनेट का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है. कंपनियां वाईफाई के जरिए अनलिमिटेड इंटरनेट देती है. तो मोबाइल, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और दूसरे स्मार्ट डिवाइस इंटरनेट का काफी इस्तेमाल करते हैं. लेकिन घर पर वाईफाई के कनेक्ट होने के लिए राउटर पर डिपेंड होना पड़ता है. लोग राउटर अक्सर दिन-रात लगातार चलाते रहते हैं. ऐसे में समय के साथ इसकी परफॉर्मेंस पर काफी असर पड़ सकता है. इसलिए वाईफाई राउटर को समय-समय पर रीस्टार्ट करना एक आसान और फायदेमंद तरीका माना जाता है.
वाईफाई राउटर को आप एक छोटे कंप्यूटर की तरह समझ सकते हैं. इसमें प्रोसेसर और मेमोरी होती है, जो लगातार इंटरनेट डेटा को संभालती है. लंबे समय तक बिना बंद हुए चलने पर इसमें कुछ फाइलें और कैश जमा हो सकते हैं. इससे राउटर की परफॉर्मेंस थोड़ी कम हो जाती है. राउटर को रीस्टार्ट करने पर उसे एक नई शुरुआत मिलती है. इससे टेंप फाइल हट जाती है और राउटर बेहतर परफॉर्म करता है.
अगर वाईफाई बार-बार डिस्कनेक्ट हो रहा है या इंटरनेट में रुकावट आ रही है, तो राउटर रीस्टार्ट करना मददगार हो सकता है. रीबूट करने से राउटर और इंटरनेट प्रोवाइडर के बीच कनेक्शन दोबारा रिफ्रेश हो जाता है.
कई मामलों में इससे बार-बार कनेक्शन टूटने और वीडियो देखते समय बफरिंग जैसी परेशानियां कम हो सकती हैं. इसलिए महीने में एक बार राउटर को रीस्टार्ट करना एक आसान आदत हो सकती है.
राउटर को रीस्टार्ट करने का फायदा केवल इंटरनेट स्पीड तक सीमित नहीं है. रीबूट करने से सिस्टम से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में मदद मिलती है. हालांकि, केवल रीस्टार्ट करना ही पूरी नेटवर्क सुरक्षा के लिए काफी नहीं है. राउटर का फर्मवेयर समय पर अपडेट करना और मजबूत वाईफाई पासवर्ड रखना भी जरूरी है. इससे नेटवर्क को सेफ रखने में मदद मिलती है.
अगर इंटरनेट की स्पीड अचानक कम हो गई है, वाईफाई बार-बार डिस्कनेक्ट हो रहा है या फोन और लैपटॉप नेटवर्क से बार-बार बाहर हो रहे हैं, तो राउटर को रीस्टार्ट करके देख सकते हैं. ऑनलाइन वीडियो देखते समय लगातार बफरिंग होना या डाउनलोडिंग में परेशानी आना भी राउटर रीबूट करने का इशारा हो सकता है.