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Negative Impact Of AI: एआई की मदद से बनाया हाथ पर नकली घाव, दफ्तर से मांगी छुट्टी.. मैनेजर बोला 'लीव अप्रूव्ड'

एआई की मदद से लोग अजीब गरीब काम करते हैं. कोई कंटेंट लिख डालता है. तो कोई फेक फोटो बना देता है. ऐसे में ही एक ने फॉल्स फोटो बना सिक लीव ले ली.

गूगल के अपग्रेडेड इमेज जेनरेटर ने आते ही इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है. इसकी वजह है कि यह टूल इतनी रियलिस्टिक तस्वीरें बना रहा है कि असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो गया है. रोलआउट के कुछ ही समय बाद यूज़र्स इस AI से खेलना शुरू कर चुके थे. 

हाल ही में एक ऑफिस कर्मचारी ने इसकी क्षमता परखने के लिए थोड़ा मज़ेदार, पर जोखिम भरा तरीका अपनाया. उन्होंने अपने हाथ की एक बिलकुल साफ़ फोटो ली, फिर उसे AI में अपलोड किया और कहा फेक घाव बनाने का प्रॉप्ट दे दिया. फिर क्या था, कुछ सेकंड में AI ने जो घाव बनाया, वह इतना असली लगा कि खुद वही कर्मचारी चौंक गया.

एचआर को भेजा फेक फोटो और मंज़ूर हो गया लीव!
कर्मचारी ने फेक फोटो को सीक्रेट रखने के बजाय कर्मचारी ने उसे सीधे अपनी एचआर टीम को भेज दिया और मैसेज में लिखा कि ऑफिस आते समय बाइक से गिर गया, आज पेड लीव चाहिए. टीम ने भी बिना शक किए चिंता जताई और सीनियर से बात की और जवाब आया कि पहले डॉक्टर को दिखाओ तुम्हारी पेड लीव अप्रूव कर दी गई है.

AI ने तोड़ा एचआर वेरिफ़िकेशन!
यह पूरा किस्सा बाद में X पर @kapilansh_twt ने पोस्ट किया. उन्होंने बताया कि कैसे कर्मचारी ने बिना किसी चोट के फोटो ली थी और AI ने कुछ ही सेकंड में तेज, डिटेल्ड, मेडिकल जैसा असली घाव बना दिया. पोस्ट में चेतावनी भी दी गई 2025 की समस्याओं को 2010 के टूल्स से नहीं निपटा जा सकता.

नया दौर, नई चुनौतियां
यह घटना सिर्फ मज़ाक लग सकती है, लेकिन यह सवाल बड़ा है कि क्या हमारी कंपनियां और सिस्टम AI की रफ़्तार के लिए तैयार हैं? जब नकली तस्वीरें इतनी असली लगने लगें, तो वेरिफिकेशन का पुराना तरीका कितना टिक पाएगा?