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Air India-IndiGo ने घटाईं 250 घरेलू उड़ानें, मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु सबसे ज्यादा प्रभावित, यात्रियों के पास क्या हैं ऑप्शन्स?

कम उड़ानों का सीधा असर टिकट कीमतों पर पड़ सकता है. पिछले कुछ हफ्तों में कई रूट्स पर किराया पहले ही 30 प्रतिशत तक बढ़ चुका है. एयरलाइंस ने फ्यूल सरचार्ज भी बढ़ाया है, जो प्रति यात्री 400 से 450 रुपए तक पहुंच गया है.

Air India, IndiGo cut 250 domestic flights; Air India, IndiGo cut 250 domestic flights;

गर्मी की छुट्टियों के बीच घरेलू हवाई सफर करने वालों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है. देश की दो बड़ी एयरलाइंस Air India और IndiGo ने जून से अपने घरेलू उड़ानों की संख्या घटाने का फैसला लिया है. Air India Express भी कटौती कर रही है. कुल मिलाकर रोजाना करीब 250 घरेलू उड़ानें कम होंगी. इसका सबसे ज्यादा असर मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर देखने को मिलेगा.

एयरलाइंस का कहना है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और ट्रैवल डिमांड में नरमी के कारण यह फैसला लिया गया है. माना जा रहा है कि यह कटौती जून से अगस्त तक जारी रह सकती है.

किस एयरलाइन ने कितनी उड़ानें घटाईं?

  • Air India फिलहाल रोज करीब 500 घरेलू उड़ानें संचालित करती है. कंपनी जून और जुलाई में अपने घरेलू नेटवर्क में करीब 22 प्रतिशत कटौती कर रही है. यानी रोजाना लगभग 110 उड़ानें कम होंगी.

  • वहीं IndiGo, जो रोजाना करीब 2200 उड़ानें चलाती है, उसने अपनी घरेलू क्षमता में 5 से 7 प्रतिशत तक कटौती की है. इससे करीब 110 उड़ानें रोज कम होंगी.

  • Air India Express भी अपनी करीब 340 घरेलू उड़ानों में से लगभग 10 प्रतिशत उड़ानें घटा रही है.

किन रूट्स पर सबसे ज्यादा असर?

  • मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु इस कटौती से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में शामिल हैं. इन एयरपोर्ट्स से कई बिजनेस और टूरिस्ट रूट्स पर उड़ानों की संख्या कम की जा रही है.

  • मुंबई से जयपुर, गोवा, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद, नागपुर, पटना और भोपाल के लिए उड़ानों की फ्रीक्वेंसी घटेगी.

  • दिल्ली से गोवा, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद, लखनऊ, कोच्चि और कोलकाता रूट प्रभावित होंगे.

  • बेंगलुरु से आने-जाने वाली कई कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है.

एयरलाइंस ने उड़ानें क्यों घटाईं?
एयरलाइंस के मुताबिक इसकी सबसे बड़ी वजह ATF यानी विमान ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार घरेलू ऑपरेशन्स के लिए ईंधन की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध का असर अंतरराष्ट्रीय ईंधन बाजार पर भी पड़ा है.

फ्यूल कॉस्ट एयरलाइंस के खर्च का बड़ा हिस्सा होती है. ऐसे में कंपनियां अब कम डिमांड वाले रूट्स और टाइम स्लॉट्स पर उड़ानें घटाकर लागत नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं.

IndiGo ने कहा है कि गर्मियों के बाद ट्रैवल डिमांड थोड़ी कमजोर पड़ती है, इसलिए यह कटौती अस्थायी है. वहीं Air India ने भी कहा है कि हालात सामान्य होने पर उड़ानें फिर बढ़ाई जाएंगी.

क्या महंगा होगा हवाई सफर?
कम उड़ानों का सीधा असर टिकट कीमतों पर पड़ सकता है. पिछले कुछ हफ्तों में कई रूट्स पर किराया पहले ही 30 प्रतिशत तक बढ़ चुका है. एयरलाइंस ने फ्यूल सरचार्ज भी बढ़ाया है, जो प्रति यात्री 400 से 450 रुपए तक पहुंच गया है.

कम सीटें उपलब्ध होने की वजह से मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे व्यस्त रूट्स पर किराया और बढ़ सकता है.

यात्रियों के पास क्या हैं ऑप्शन्स?
अगर आप अगले कुछ महीनों में यात्रा की योजना बना रहे हैं तो पहले से टिकट बुक करना बेहतर हो सकता है. सुबह और देर रात की फ्लाइट्स में विकल्प ज्यादा मिल सकते हैं. यात्रियों के पास दूसरी एयरलाइंस चुनने, कनेक्टिंग फ्लाइट लेने या ट्रेन जैसे विकल्पों पर भी विचार करने का विकल्प रहेगा.

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