Under-19 Women's cricket player Avani Chavda (Instagram: @saurashtracricket)
Under-19 Women's cricket player Avani Chavda (Instagram: @saurashtracricket)
गुजरात के बोटाद जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके को गर्व महसूस करने का मौका दिया है. बोटाद शहर के एक मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली युवा क्रिकेटर अवनी चावड़ा का चयन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम में हुआ है. उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरा बोटाद जिला और सौराष्ट्र क्षेत्र खुशी से झूम उठा है.
मेहनत और लगन से मिली पहचान
अवनी चावड़ा ने यह मुकाम एक दिन में हासिल नहीं किया. लगातार अभ्यास, खेल के प्रति समर्पण और खुद को बेहतर बनाने की जिद ने उन्हें यहां तक पहुंचाया है. क्रिकेट के साथ-साथ खेल भावना और अनुशासन ने भी उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई है. सबसे खास बात यह है कि अंडर-19 भारतीय महिला टीम के लिए पूरे सौराष्ट्र क्षेत्र से अवनी का चयन हुआ है. यह उपलब्धि उनके खेल कौशल और प्रतिभा को साफ तौर पर दर्शाती है.
चयन की खबर से घर में जश्न का माहौल
जैसे ही अवनी के चयन की खबर सामने आई, परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और क्रिकेट लवर्स में खुशी की लहर दौड़ गई. हर कोई उन्हें बधाई दे रहा है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहा है. अवनी की इस सफलता पर गुजरात की शिक्षा मंत्री रीवाबा जडेजा ने भी उन्हें सम्मानित किया. उन्होंने फूल देकर अवनी का स्वागत किया और उनके शानदार प्रदर्शन की सराहना की.
अब श्रीलंका में दिखाएंगी अपना दम
अवनी चावड़ा 22 जून से श्रीलंका में होने वाले मुकाबलों में भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी. बोटाद की यह बेटी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने की तैयारी में जुटी हुई है. उनके चयन से स्थानीय खिलाड़ियों और खासकर लड़कियों में उत्साह बढ़ा है. अवनी की सफलता यह संदेश देती है कि अगर मेहनत और जुनून हो तो छोटे शहरों से निकलकर भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं.
कोच और परिवार का मिला पूरा साथ
अवनी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार और कोच किरण सोलंकी को दिया है. उन्होंने कहा कि कठिन समय में परिवार ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. वहीं कोच किरण सोलंकी का कहना है कि जब उन्होंने पहली बार अवनी को मैदान पर गेंदबाजी करते देखा था, तभी उन्हें महसूस हो गया था कि यह खिलाड़ी आगे जाकर बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगी. अवनी के खेल में आत्मविश्वास, मेहनत और सीखने की ललक हमेशा दिखाई देती थी.
मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने वाली अवनी चावड़ा आज कई लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं. उनकी कहानी बताती है कि सीमित संसाधन कभी भी बड़े सपनों की राह में रुकावट नहीं बनते. सही मार्गदर्शन, परिवार का साथ और खुद पर भरोसा हो तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है. बोटाद की यह बेटी अब पूरे देश की उम्मीद बन चुकी है.
(रिपोर्ट- ब्रिजेश दोशी)
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