Second Mukundra Tunnel Line Opens
Second Mukundra Tunnel Line Opens
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे (Delhi-Mumbai Expressway) पर सफर करने वाले हजारों लोगों के लिए राहत भरी खबर है. एक्सप्रेस-वे पर कोटा क्षेत्र में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के पहाड़ियों में बनी मुकुंदरा टर्नल की दूसरी लाइन भी एनएचएआई ने शुरू कर दी है. ऐसे में अब दिल्ली से कोटा, मध्य प्रदेश, गुजरात व महाराष्ट्र की तरफ जाने वाले लोगों को एक्सप्रेसवे से नीचे नहीं उतरना पड़ेगा.
वाहन चालकों को बड़ी राहत
एनएचएआई ने पहले टर्नल की कोटा से दिल्ली की तरफ आने वाली लाइन को शुरू किया था लेकिन अब दिल्ली से कोटा की तरफ जाने वाली लाइन को भी चालू कर दिया गया है. इससे हजारों वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर करीब 4.5 किलोमीटर लंबी मुकुंदरा टनल की दूसरी लाइन को आम लोगों के लिए खोल दिया गया है.
देश की सबसे बड़ी 8 लाइन टनल तैयार
करीब 1100 करोड़ रुपए की लागत से देश की सबसे बड़ी 8 लाइन टनल तैयार हुई है. इसमें आने में जाने के लिए दो अलग-अलग ट्यूब बनाई गई है. अभी वर्तमान में केवल एक ट्यूब कोटा से दिल्ली की तरफ आने वाली चल रही थी लेकिन अब दिल्ली से कोटा की तरफ जाने वाला ट्रैफिक भी खोल दिया गया है. दिल्ली से मध्य प्रदेश और मध्य प्रदेश से दिल्ली की तरफ आने वाले वाहनों को एक्सप्रेसवे से नीचे नहीं उतरना पड़ेगा. अगर कोई वाहन चालक कोटा उतरना चाहते है, तो उसको गोपालपुरा टोल पर नीचे उतरना होगा. मुकुंदरा टर्मिनल में वाहन चालकों के लिए टोल लगाया जाएगा. लेकिन अभी तक टोल शुरू नहीं किया गया है.
प्रत्येक ट्यूब में चार लेन की सड़क तैयार
4.9 किलोमीटर लंबी मुकुंदरा टर्मिनल में दो ट्यूब बनाई गई है. प्रत्येक ट्यूब में चार लेन की सड़क तैयार की गई है. इस परियोजना में 1100 करोड रुपए की लागत आई है. टर्नल के ऊपर वन्यजीवों के लिए पासिंग ट्रैक भी बनाया गया है. टर्नल के शुरू होने से घाटी में लगने वाले जाम से लोगों को बड़ी राहत मिली है. आमतौर पर घाटी में जाम के हालात रहते हैं और करीब 1 घंटे लोगों को परेशान होना पड़ता है. लेकिन अब 5 मिनट में वाहन चालक मुकुंदरा की पहाड़ियों को क्रॉस कर सकेंगे. लंबे समय से टर्नल का काम चल रहा था. बीते दिनों कोटा से दिल्ली की तरफ आने वाली लाइन को खोल दिया गया था. लेकिन दिल्ली से कोटा और मध्य प्रदेश की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को स्टेट हाईवे पर उतरना पड़ता था.