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2 मीटर चौड़ा यूटिलिटी कॉरिडोर, केबल बिछाने के लिए नहीं खोदनी होगी सड़क... डिजिटल हाईवे बनेगा गंगा एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे देश का सबसे बड़ा स्मार्ट डिजिटल हाईवे बनेगा. हादसे के समय कंट्रोल रूम के सिग्नल पहुंच जाएगा और फौरन इमरजेंसी टीम मौके पर पहुंच जाएगी. इसके लिए AI तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. इतना ही नहीं, एक्सप्रेसवे के साथ 2 मीटर चौड़ा यूटिलिटी कॉरिडोर बनाया जाएगा.

Ganga Expressway Ganga Expressway

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को करेंगे. पीएम मोदी इसका उद्घाटन हरदोई के मल्लावां से करेंगे. गंगा एक्सप्रेसवे देश का सबसे बड़ा डिजिटल हाईवे बनेगा. यह डिजिटल हाईवे के तौर पर टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण है. एक्सप्रेसवे के मेंटेनेंस का खर्च खुद डिजिटल नेटवर्क से ही निकल जाएगा.

गंगा एक्सप्रेसवे बनेगा डिजिटल हाईवे-
गंगा एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत ये है कि अगर सड़क के पास इंटरनेट केबल बिछाना हो या गैस पाइपलाइन ले जाना हो तो सड़क को खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसका मतलब है कि गंगा एक्सप्रेसवे की सड़क को बिना खोदे केबल बिछाई जा सकती है, क्योंकि एक्सप्रेसवे के साथ 2 मीटर चौड़ा यूटिलिटी कॉरिडोर बनाया गया है. इस प्री-बिल्ट कॉरिडोर के भीतर ऑप्टिकल फाइबर, बिजली के तार या गैस पाइपलाइन बिछाई जा सकती है. इसके लिए सड़क को खोदने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी.

हादसे पर कंट्रोल रूम को भेजेगा अलर्ट-
जमीन के नीचे डिजिटल फाइबर नेटवर्क से एक्सप्रेसवे का स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (STMS) काम करेगा. इसकी मदद से हादसे के समय किसी इमरजेंसी कॉल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अगर कोई हादसा होता है तो फौरन ये सिस्टम कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा. कुछ ही समय में इमरजेंसी टीम मौके पर पहुंच जाएगी. STMS कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेगा. कंट्रोल रूम में सैकड़ों कैमरों की लाइव फीड एक साथ चलती है.

500 से ज्यादा गांवों को मिलेगा इंटरनेट-
डिजिटल हाईवे की मदद से आसपास के 500 से ज्यादा गांवों को हाई-स्पीड इंटरनेट और 5जी कनेक्टिविटी देने में मदद मिलेगी. इस फाइबर नेटवर्क से एक्सप्रेसवे के किनारे एज डेटा सेंटर बनाए जा सकते हैं, जो यूपी को हैदराबाद जैसा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर देने में मदद करेंगे.

AI की ली जाएगी मदद- 
स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम एआई वीडियो रिकॉर्डिंग की पड़ताल करेगा. अगर कोई गाड़ी गलत दिशा में मुड़ती है तो फौरन एआई अलार्म बजा देगा. इसका संकेत कंट्रोल रूम को मिल जाएगा. अगर कोई गाड़ी एक्सप्रेसवे पर 2 मिनट से ज्यादा रुकती है तो एआई पेट्रोलिंग यूनिट को लोकेशन भेज देगा.

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