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Indian Railways: बेंगलुरु से चेन्नई का सफर अब केवल 4 घंटे में होगा मुमकिन, बढ़ाई जा रही स्पीड लिमिट

भारतीय रेलवे की प्रीमियम और हाई-टेक ट्रेनों में से एक वंदे भारत एक्सप्रेस अपनी लग्जरी सुविधाओं और तेज रफ्तार की वजह से काफी लोकप्रिय है. जल्द ही ये ट्रेन बेंगलुरु से चेन्नई के बीच की यात्रा सिर्फ 4 घंटे में पूरी करेगी.

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Vande Bharat Train Vande Bharat Train
हाइलाइट्स
  • रूट की पूरी सिंक्रोनाइजेशन होगी

  • तेजी से बढ़ रहा है वंदे भारत नेटवर्क

भारतीय रेलवे की प्रीमियम और हाई-टेक ट्रेनों में से एक वंदे भारत एक्सप्रेस अपनी लग्जरी सुविधाओं और तेज रफ्तार की वजह से काफी लोकप्रिय है. जल्द ही ये ट्रेन बेंगलुरु से चेन्नई के बीच की यात्रा सिर्फ 4 घंटे में पूरी करेगी. यह समय अभी के यात्रा के समय से लगभग 25 मिनट कम होगा. शताब्दी एक्सप्रेस भी अब इस रूट पर पहले के समय से 20 मिनट कम में अपना सफर पूरा करेगी.

रफ्तार बढ़ाने के लिए प्रयास जारी
इस रूट पर स्पीड बढ़ाने का यह फैसला साउथ वेस्टर्न रेलवे (South Western Railway) के प्रयासों का हिस्सा है. हाल ही में, बेंगलुरु-जोलारपेटाई सेक्शन पर 5 दिसंबर को एक स्पीड ट्रायल किया गया. इसमें 110 किमी प्रति घंटे की स्पीड को 130 किमी प्रती घंटे तक बढ़ाने की संभावना का आकलन किया गया. रेलवे सुरक्षा आयुक्त से मंजूरी मिलने के बाद ही यह नई स्पीड लागू की जाएगी.

रूट की पूरी सिंक्रोनाइजेशन होगी
बेंगलुरु-चेन्नई रूट पर यह अपग्रेडेशन बहुत जरूरी है. चेन्नई से जोलारपेटाई सेक्शन पहले से ही 130 किमी प्रति घंटे की स्पीड को संभालने में सक्षम है. अब बेंगलुरु से जोलारपेटाई तक भी यही स्पीड लागू की जाएगी.

किन ट्रेनों को होगा फायदा?
स्पीड लिमिट अपग्रेड का फायदा दो वंदे भारत और दो शताब्दी ट्रेनों को मिलेगा. ये सभी ट्रेनें हर दिन इस रूट पर चलती हैं. बेंगलुरु-चेन्नई रूट पर यात्री यातायात बहुत ज्यादा है क्योंकि यह रूट बेंगलुरु के टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप हब को चेन्नई के ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल एरिया से जोड़ता है.

जल्द आएंगी नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें
भारतीय रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का पहला प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है. जल्द ही इसका फील्ड ट्रायल शुरू किया जाएगा. इसकी जानकारी 6 दिसंबर को संसद में रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी. यह नई स्लीपर ट्रेनें लंबी और मध्यम दूरी की यात्राओं के लिए डिजाइन की गई हैं. इनमें यात्रियों की सुविधा के लिए मॉर्डन फीचर्स शामिल किए गए हैं. रेलवे मंत्री ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में कई खास और मॉर्डन सुविधाएं दी जाएंगी. जैसे 

1. कवच ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम – यह ट्रेन सुरक्षा को बेहतर बनाएगा.
  
2. फायर सेफ्टी स्टैंडर्ड – यह ट्रेनें लेटेस्ट अग्नि सुरक्षा स्टैंडर्ड का पालन करेंगी.
  
3. क्रैशवर्दी और झटकों से बचाने वाला डिजाइन – ट्रेन के सेमी-पर्मानेंट कपलर और एंटी-क्लाइम्बर्स यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव देने में मदद करेंगे.
  
4. एनर्जी एफिशिएंसी – इसमें रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम होगा जो इसके एनर्जी की बचत करेगा.

5. तेज स्पीड और बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम – औसत स्पीड बढ़ेगी और ट्रेनें तेजी से रुकने और चलने में सक्षम होंगी.

तेजी से बढ़ रहा है वंदे भारत नेटवर्क
इस साल अगस्त में उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक में तीन नई वंदे भारत ट्रेनें जोड़ी गई थीं. वंदे भारत की यह आधुनिक ट्रेनें अब 280 से ज्यादा जिलों को जोड़ते हुए 100 से अधिक रूट्स पर चल रही हैं. भारतीय रेलवे इन नई पहल और अपग्रेड्स से अपने यात्रियों को तेज, आरामदायक और सुरक्षित यात्रा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है.

वंदे भारत एक्सप्रेस एक हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक ट्रेन है, जिसे भारतीय रेलवे चलाता है. इसे अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (Research designs & standards organization) ने डिजाइन किया और चेन्नई की सरकारी इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (The Integral Coach Factory) ने इसे बनाया है. यह एक सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन है और भारत की दूसरी सबसे तेज़ ट्रेन मानी जाती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वंदे भारत एक्सप्रेस भारतीय रेलवे के लिए सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली और लोकप्रिय ट्रेन है, जिसकी औसत बुकिंग दर 130% तक है. बता दें कि वंदे भारत ट्रेन को 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया था.