पनामा में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर ग्रेसी बॉन भूकंप से तबाह हुए घरों के सामने तस्वीरें खिंचवाने को लेकर लोगों के निशाने पर आ गई हैं. उन्होंने इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था. इसके बाद कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि जब लोग अपने घर खोने के दुख से गुजर रहे हैं, तब वहां ग्लैमरस तस्वीरें खिंचवाना कितना सही है. हालांकि, ग्रेसी ने अपनी पोस्ट का बचाव करते हुए कहा कि उनका मकसद प्रभावित परिवारों की मदद करना है.
भूकंप से भारी नुकसान, सैकड़ों घर प्रभावित
रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को पनामा में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था. इसके बाद कई आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए. शुरुआती जानकारी के अनुसार, कम से कम 27 लोग घायल हुए और करीब 900 घर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए. ऐसे हालात में ग्रेसी बॉन की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया.
तबाह घरों के सामने तस्वीरें पोस्ट करने पर घिरीं
ग्रेसी बॉन प्लस-साइज मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं. इंस्टाग्राम पर उनके करीब 1.19 करोड़ फॉलोअर्स हैं. उन्होंने भूकंप से प्रभावित इलाके में तबाह हुए घरों के सामने अपनी तस्वीरें पोस्ट कीं. कई लोगों को उनका यह अंदाज पसंद नहीं आया. यूजर्स का कहना था कि आपदा से प्रभावित परिवारों के दुख को सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के बजाय उनकी मदद पर ध्यान देना चाहिए.
एक यूजर ने लिखा कि देश में हालात की जानकारी देना अलग बात है, लेकिन दूसरों की परेशानी को अपने कंटेंट का हिस्सा बनाना अलग. वहीं, दूसरे यूजर ने सवाल उठाया कि लोगों तक मदद का संदेश पहुंचाने के लिए तस्वीर में खुद मौजूद रहना जरूरी था क्या? कुछ लोगों ने यह भी कहा कि किसी का घर तबाह होने के बाद उसके सामने तस्वीरें खिंचवाना असंवेदनशील है.
आलोचना बढ़ने के बाद ग्रेसी ने सफाई दी कि वह तस्वीरों में पोज नहीं दे रही थीं, बल्कि उन्होंने वहां की स्थिति दिखाने के लिए अपनी तस्वीर पोस्ट की थी. उन्होंने कहा कि उनका इरादा प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने के लिए संसाधन जुटाना और ऐसे परिवारों को ढूंढना था, जिनके घर दोबारा बनाने में सहायता की जा सके.