
19 साल की उम्र में लगाया दुनिया का चक्कर (photo credit- reuters)
19 साल की उम्र में लगाया दुनिया का चक्कर (photo credit- reuters)
जिस उम्र में ज्यादातर बच्चे अपने स्कूल-कॉलेज के मार्क्स की चिंता में उलझे रहते हैं, उस उम्र में एक लड़की ने अकेले प्लेन उड़ाकर पूरी दुनिया का चक्कर लगा लिया. हाल ही में 19 साल की महिला पायलट ने सोलो ग्लोबल फ्लाइट का रिकॉर्ड बनाया है. 19 साल की बेल्जियम-ब्रिटिश पायलट जारा रदरफोर्ड (Zara Rutherford) ने दुनियाभर में अकेले उड़ान भरने वाली सबसे कम उम्र की महिला के रूप में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. गुरुवार को पश्चिमी बेल्जियम में उनका एयरप्लेन 155 दिन बाद उतरा. रदरफोर्ड ने 30 साल की अमेरिकी एविएटर शाएस्टा वेज को पीछे छोड़ते हुए अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया.
अल्ट्रालाइट शार्क प्लेन में इस उड़ान में उसे तीन महीने लगने वाले थे, लेकिन लगातार खराब मौसम और वीजा के मुद्दों के चलते ये समय लगभग दो महीने तक बढ़ गया. उसने पांच महीने पहले 18 अगस्त, 2021 को अपनी उड़ान की शुरुआत की थी. 52,000 किलोमीटर (28,000 समुद्री मील) से ज्यादा के अपने ट्रेक में, वह पांच महाद्वीपों में रुकी और 41 देशों का दौरा किया. रदरफोर्ड ने रूस में कड़ाके की ठंड से निपटने और उत्तर कोरियाई हवाई क्षेत्र से बचने के लिए विज़ुअल फ़्लाइट रूल्स को फॉलो करते हुए उड़ान भरी. इस जांबाज पायलट ने बताया कि उड़ान के दौरान कभी-कभी उसे अपनी जान का डर सताता था, तो कभी वह घर की साधारण सुख-सुविधाओं के लिए तरसती थी.

14 साल की उम्र में उड़ान भरना शुरू कर दिया था
फ्लाइंग जारा के खून में है क्योंकि उसके माता-पिता दोनों पायलट हैं और वह 6 साल की उम्र से छोटे विमानों में यात्रा कर रही है. 14 साल की उम्र में उसने खुद उड़ान भरना शुरू कर दिया था. 2020 में उसे पायलट लाइसेंस मिला. अपने इस साहसिक कदम से जारा दुनिया भर में युवा महिलाओं और लड़कियों को उड़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है. 19 साल की ज़ारा रदरफोर्ड प्रतिकूल मौसम के कारण योजना से दो महीने बाद बेल्जियम के कॉर्ट्रिज्क-वेवेलगेम में उतरीं. यात्रा के दौरान उसने एक महीना नोम, अलास्का में और 41 दिन रूस में बिताया. हालांकि अपनी पूरी यात्रा के दौरान, जारा को रात में उड़ान भरने की अनुमति नहीं थी.
महिलाओं को प्रोत्साहित करना चाहती हैं
बेल्जियम लौटने पर सेंट स्विटुन्स स्कूल विनचेस्टर की इस पूर्व छात्रा का उनके परिवार, पत्रकारों और शुभचिंतकों ने स्वागत किया. जारा के साथ बेल्जियम रेड डेविल्स एरोबेटिक डिस्प्ले टीम के चार विमान उतरे. इस सोलो फ्लाइट को पूरा करने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारा ने बताया कि वह बहुत खुश है कि उसने 32,000 मील (51,000 किमी) की उड़ान की चुनौती ली. उड़ान के अपने अनुभव बताते हुए जारा ने कहा, "जर्नी का सबसे कठिन पार्ट साइबेरिया के ऊपर से उड़ना था, वहां बेहद ठंडा थी और अगर इंजन रुक जाता तो मुझे यकीन नहीं था कि मैं बच पाती." .
माइक्रोलाइट में दुनिया की परिक्रमा करने वाली पहली महिला
चुनौती को पूरा करने वाली सबसे कम उम्र की महिला होने के साथ-साथ, जारा रदरफोर्ड एक माइक्रोलाइट में दुनिया की परिक्रमा करने वाली पहली महिला हैं. साथ ही प्लेन से अकेले दुनिया का चक्कर लगाने वाली पहली बेल्जियम नागरिक हैं. इस चैलेंज को पूरा करने के बाद जारा अपने अनुभवों के बारे में लोगों को बताने और लोगों को अपने जीवन में कुछ करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उत्सुक है. उसका कहना है कि अगर आपके पास अवसर है, तो उसका फायदा उठाएं. जारा महिलाओं को विज्ञान, गणित, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में अध्ययन के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहती हैं.