Anne Carson
Anne Carson
कनाडाई लेखिका और कवयित्री Anne Carson को 2026 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया है. स्वीडिश अकादमी ने गुरुवार को पुरस्कार की घोषणा करते हुए कहा कि कार्सन को यह सम्मान उनकी 'साहसी और कल्पनाशील रचनाओं के लिए दिया गया है, जिन्होंने शास्त्रीय परंपरा के साथ संवाद करते हुए समकालीन साहित्य के लिए नए रूप तैयार किए.'
कार्सन कविता, निबंध, अनुवाद और शास्त्रीय साहित्य के अध्ययन के लिए जानी जाती हैं. उनकी लेखन शैली पारंपरिक साहित्यिक सीमाओं को तोड़ती है. उनकी रचनाओं में प्राचीन ग्रीक साहित्य, मिथकों और आधुनिक जीवन के अनुभवों को एक साथ देखा जा सकता है.
1950 में टोरंटो में जन्मीं ऐन कार्सन ने टोरंटो विश्वविद्यालय से पढ़ाई की. बाद में उन्होंने क्लासिक्स और साहित्य के क्षेत्र में अकादमिक काम किया. उनके लेखन में कविता और गद्य के बीच की सीमाएं अक्सर धुंधली हो जाती हैं. यही प्रयोगधर्मिता उन्हें समकालीन साहित्य के दूसरे लेखकों से अलग बनाती है.
BREAKING NEWS The 2026 #NobelPrize in Literature is awarded to the Canadian author Anne Carson, “for her bold and inventive oeuvre that, in playful dialogue with the classical tradition, has created new forms for contemporary literature.” https://t.co/YRvlRghlGG
— The Nobel Prize (@NobelPrize) October 8, 2026
प्राचीन कहानियों को आधुनिक नजर से देखा
कार्सन की चर्चित किताबों में Autobiography of Red, The Beauty of the Husband, Men in the Off Hours और Red Doc शामिल हैं. Autobiography of Red में उन्होंने ग्रीक मिथक के एक पात्र को आधुनिक संदर्भ में पेश किया. इस किताब ने दुनिया भर के पाठकों और साहित्य समीक्षकों का ध्यान खींचा. उनकी रचनाओं में अक्सर प्रेम, इच्छा, अकेलापन, स्मृति और रिश्तों जैसे विषय दिखाई देते हैं. लेकिन इन विषयों को पेश करने का उनका तरीका पारंपरिक कहानी या कविता से अलग है.
पहले से थीं पुरस्कार की दावेदार
नोबेल की घोषणा से पहले भी कार्सन को इस साल पुरस्कार का मजबूत दावेदार माना जा रहा था. उनके साथ चीन की प्रयोगधर्मी लेखिका कैन शुए और जापानी लेखक हारुकी मुराकामी जैसे नामों की भी चर्चा थी. हालांकि नोबेल पुरस्कार के संभावित विजेताओं को लेकर लगाए गए अनुमान कई बार गलत साबित होते हैं.
2026 मेडिसिन का नोबेल अमेरिकी वैज्ञानिक कार्ल डीसरोथ और जर्मन वैज्ञानिक पीटर हेगेमान व जॉर्ज नागेल को दिया गया, जिन्होंने ऑप्टोजेनेटिक्स के विकास में अहम भूमिका निभाई. फिजिक्स का नोबेल बेल्जियम-अमेरिकी वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को अंटार्कटिका में हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो का पता लगाने के काम के लिए मिला. वहीं केमेस्ट्री का नोबेल फ्रांसीसी वैज्ञानिक हेनरी कगन और जापानी वैज्ञानिक केन्सो सोआई को अणुओं के मिरर-इमेज रूपों और असममित रासायनिक प्रतिक्रियाओं पर उनके काम के लिए दिया गया है.