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मुगल रसोई से शुरू हुआ सफर, आज ताज नगरी की मिठास बनकर दुनिया भर में मशहूर है आगरे का पेठा

संगमरमर की खूबसूरती से दुनिया में पहचान बनाने वाला आगरा… सिर्फ ताजमहल के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी खास मिठास के लिए भी मशहूर है. यह मिठास है आगरा के पेठे की… एक ऐसी मिठाई, जिसका नाम सुनते ही लोगों के मुंह में मिठास घुल जाती है. देश हो या विदेश… आगरा आने वाला शायद ही कोई शख्स ऐसा हो, जो यहां का पेठा साथ लेकर न जाए.

Agra petha Agra petha

आगरा का नाम सुनते ही सबसे पहले ताजमहल की तस्वीर आंखों के सामने आती है. संगमरमर से बनी मोहब्बत की इस निशानी ने आगरा को पूरी दुनिया में पहचान दिलाई है. लेकिन ताज नगरी की पहचान सिर्फ ऐतिहासिक इमारतों तक सीमित नहीं है. यहां की एक और चीज ऐसी है, जिसकी मिठास देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक मशहूर है. यह खास मिठाई है आगरा का पेठा… जिसका नाम सुनते ही लोगों के मुंह में मिठास घुल जाती है.

आगरा आने वाला शायद ही कोई पर्यटक ऐसा हो, जो यहां का पेठा साथ लेकर न जाए. रेलवे स्टेशन से लेकर हाईवे और बाजारों तक पेठे की दुकानों की खुशबू लोगों को अपनी ओर खींच लेती है.

मुगल काल से जुड़ी है पेठे की कहानी
कहा जाता है कि पेठे का इतिहास करीब 400 साल पुराना है. इसकी शुरुआत मुगल काल में हुई थी. मान्यता है कि जब शाहजहां ताजमहल बनवा रहे थे, तब शाही रसोइयों को ऐसी मिठाई बनाने का जिम्मा दिया गया जो देखने में खूबसूरत हो, स्वाद में हल्की हो और लंबे समय तक खराब भी न हो.

इसी खोज के दौरान पेठे का जन्म हुआ. धीरे-धीरे यह मिठाई आगरा की पहचान बन गई और फिर इसकी मिठास देशभर में फैल गई.

साधारण कद्दू से बनती है खास मिठाई
पेठा बनाने की प्रक्रिया भी काफी दिलचस्प होती है. इसे सफेद कद्दू यानी ऐश गॉर्ड से तैयार किया जाता है. सबसे पहले कद्दू को छीलकर बड़े टुकड़ों में काटा जाता है. फिर उसके बीज निकालकर टुकड़ों को चूने के पानी में भिगोया जाता है, ताकि उनमें हल्की सख्ती आ सके.

safed kaddu

इसके बाद इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धोया जाता है और उबाला जाता है. फिर चीनी की चाशनी में धीरे-धीरे पकाया जाता है. कई घंटों की इस प्रक्रिया के बाद तैयार होता है पारदर्शी, रस से भरा और बेहद मीठा पेठा.

अब कई फ्लेवर में मिल रहा पेठा
समय के साथ पेठे का स्वाद भी बदलता गया. पहले जहां सिर्फ साधारण पेठा मिलता था, वहीं अब बाजार में कई तरह की वैरायटी मौजूद हैं. आज केसर पेठा, पान पेठा, अंगूरी पेठा, चॉकलेट पेठा और सैंडविच पेठा लोगों की पसंद बने हुए हैं. खासतौर पर युवा और पर्यटक नए फ्लेवर वाले पेठे को काफी पसंद करते हैं.

बाजारों में रोज बिकता है हजारों किलो पेठा
आगरा के सदर बाजार, किनारी बाजार और हाईवे किनारे की दुकानों पर रोज हजारों किलो पेठा बिकता है. दुकानदारों का कहना है कि त्योहारों और छुट्टियों के मौसम में इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है. देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इसे आगरा की सबसे खास सौगात मानते हैं. कई लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए खास तौर पर पेठा पैक करवाकर ले जाते हैं.

Petha

आगरा की मिठास बन चुका है पेठा
पेठा अब सिर्फ एक मिठाई नहीं रहा, बल्कि आगरा की संस्कृति और मेहमाननवाजी का हिस्सा बन चुका है. जिस तरह ताजमहल मोहब्बत की निशानी माना जाता है, उसी तरह पेठा आगरा की मिठास की पहचान बन गया है. ताजमहल की खूबसूरती लोग अपने कैमरे में कैद करते हैं, लेकिन जब लौटते हैं तो अपने साथ ले जाते हैं आगरा के पेठे की मिठास.

-नितिन उपाध्याय की रिपोर्ट

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