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चीन में शेफ की जगह AI रोबोट बना रहे खाना, ग्राहक की सेहत देखकर देते हैं अलग-अलग डिशेज

खाने की बात करें तो मेन्यू भी कमाल का है. ये रोबोट 100 से ज्यादा डिश बना सकते हैं, जिनमें थ्री कप चिकन, क्रैब रो टोफू और ब्रेज़्ड पोर्क ट्रॉटर्स जैसी डिश शामिल हैं. इतना ही नहीं, हांगझोउ की फेमस नूडल डिश पियान एर चुआन भी ये रोबोट बड़ी आसानी से तैयार कर लेते हैं.

China AI robot restaurant: AI Image China AI robot restaurant: AI Image

चीन में अब खाना सिर्फ शेफ नहीं, रोबोट भी बना रहे हैं… और वो भी एक-दो नहीं पूरे 100 तरह की डिशेज. पूर्वी चीन में कई ऐसे रेस्टोरेंट चल रहे हैं, जहां AI रोबोट किचन संभाल रहे हैं. हांगझोउ के शीहू जिले में स्थित 24 Jieqi Robot Restaurant में 8 रोबोट मिलकर ऑर्डर लेने से लेकर खाना बनाने, परोसने और बर्तन साफ करने तक का काम कर रहे हैं. यानी किचन का करीब 60% काम अब रोबोट कर हैं.

आप क्या खाएंगे ये भी रोबोट तय करेंगे
सबसे मजेदार बात यह है कि यहां खाना ऑर्डर करने से पहले आपका AI टेस्ट भी होता है. इसमें रोबोट आपके चेहरे और जीभ को स्कैन करते हैं, फिर आपसे कुछ आसान सवाल पूछते हैं. इसके बाद यह आपकी सेहत, मूड और पाचन से जुड़ी एक छोटी रिपोर्ट तैयार करते हैं और उसी के हिसाब से आपको खाने की सलाह देते हैं. यानी अब क्या खाएं? यह भी रोबोट ही तय कर रहे हैं.

ये रोबोट शेफ को हूबहू कॉपी करते हैं
खाने की बात करें तो मेन्यू भी कमाल का है. ये रोबोट 100 से ज्यादा डिश बना सकते हैं, जिनमें थ्री कप चिकन, क्रैब रो टोफू और ब्रेज़्ड पोर्क ट्रॉटर्स जैसी डिश शामिल हैं. इतना ही नहीं, हांगझोउ की फेमस नूडल डिश पियान एर चुआन भी ये रोबोट बड़ी आसानी से तैयार कर लेते हैं. इन रोबोट्स को बनाने वाले इंजीनियर बताते हैं कि मशीनों में असली शेफ के कुकिंग डेटा को फीड किया गया है. यानी आंच कितनी हो, कढ़ाई कैसे घुमानी है. सब कुछ रोबोट हूबहू इंसानों की तरह कॉपी करते हैं. इससे हर बार खाने का स्वाद एक जैसा रहता है.

एकदम घर जैसा खाना बना रहे रोबोट
रेस्टोरेंट में काम करने वाले शेफ भी अब राहत महसूस कर रहे हैं. पहले जहां उन्हें पीक टाइम में दर्जनों डिश बनानी पड़ती थीं, अब वे सिर्फ मशीनों को ऑपरेट करते हैं. उनका कहना है कि इससे उनकी आधी मेहनत बच जाती है और वे क्वालिटी चेक और नई डिश बनाने पर ध्यान दे पाते हैं. ग्राहकों का अनुभव भी दिलचस्प है. 70 साल के एक बुजुर्ग ने बताया कि उन्हें तो पहले यकीन ही नहीं हुआ कि उनका खाना रोबोट ने बनाया है. उन्हें बिल्कुल घर जैसा स्वाद मिला. न ज्यादा नमक, न ज्यादा तेल. यही वजह है कि बुजुर्ग भी यहां आराम से खाना पसंद कर रहे हैं.

रोबोट के आने से खाने की कीमतें कम हो गईं
रोबोट के आने से खाने की कीमत भी कम हो गई है. जहां पहले एक मील पर 18-20 युआन खर्च होते थे, अब वही 15-18 युआन में मिल रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में स्टर-फ्राई रोबोट इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है. 2025 में इसका बाजार 3.8 अरब युआन का था, जो 2030 तक 12.5 अरब युआन तक पहुंच सकता है.
 

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