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चीनी रोबोट क्यों अलग है? दुनिया है हैरान कि ये क्या बना डाला, आध इंसान-आधा जानवर!

चीन ने दुनिया का पहला 'सेंटॉर रोबोट' पेश किया है, जिसका ऊपरी हिस्सा इंसान और निचला हिस्सा चार पैरों वाले जानवर जैसा है. यह 120 किलो तक वजन उठाने में सक्षम है और आपदा राहत, फायरफाइटिंग व रेस्क्यू जैसे हाई-रिस्क ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया है. इसके 95% से अधिक पुर्जे चीन में बने हैं.

China's centaur robot China's centaur robot

टेक्नोलॉजी की दुनिया में चीन ने एक बार फिर ऐसा प्रयोग किया है, जिसने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. शंघाई की रन रोबोटिक्स (Run Robotics) ने दुनिया का पहला 'सेंटॉर रोबोट' पेश किया है, जिस रोबोट का ऊपरी हिस्सा इंसान जैसा है, जबकि निचला हिस्सा चार पैरों वाले जानवर की तरह बनाया गया है. यह रोबोट खतरनाक हालात में भी अपना धैर्य नहीं खोता. यही वजह है कि इसे 'सेंटॉर' नाम दिया गया है.

WAIC 2026 में पहली बार दुनिया के सामने आया
इस अनोखे रोबोट को वर्ल्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉन्फ्रेंस (WAIC) 2026 में पहली बार प्रदर्शित किया गया. जैसे ही यह मंच पर आया, लोगों की भीड़ इसे देखने के लिए जुट गई. इसका डिजाइन पौराणिक कथाओं और हॉलीवुड फिल्मों में दिखने वाले 'सेंटॉर' जैसे जीव से प्रेरित है, जिसमें ऊपर का हिस्सा इंसान और नीचे का हिस्सा जानवर जैसा होता है.

इंसान जैसे हाथ, जानवर जैसे पैर और पहियों का अनोखा मेल
रोबोट का ऊपरी हिस्सा ह्यूमनॉइड है. इसमें इंसानों की तरह सिर, धड़ और दो हाथ दिए गए हैं, जिनकी मदद से यह सामान उठा सकता है और कई तरह के काम कर सकता है. नीचे की तरफ चार मजबूत पैर हैं, जिनके साथ पहिए भी लगाए गए हैं. यही हाइब्रिड डिजाइन इसे सामान्य ह्यूमनॉइड रोबोट से अलग बनाता है. पहियों की वजह से यह तेजी से चल सकता है, जबकि पैर कठिन और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं.

100 से 120 किलोग्राम तक उठा सकता है वजन
रन रोबोटिक्स के मुताबिक, यह सेंटॉर रोबोट 100 से 120 किलोग्राम तक का भार उठाने में सक्षम है. मजबूत हाथों और स्थिर ढांचे की वजह से यह भारी मशीनों को संभाल सकता है, मलबा हटाने में मदद कर सकता है और एक जगह से दूसरी जगह सामान भी पहुंचा सकता है.

रेस्क्यू और खतरनाक मिशनों के लिए तैयार
इस रोबोट को खास तौर पर ऐसे इलाकों के लिए तैयार किया गया है, जहां इंसानों के लिए पहुंचना जोखिम भरा हो. कंपनी का कहना है कि इसका इस्तेमाल भविष्य में आपदा राहत, फायरफाइटिंग, इमरजेंसी रेस्क्यू, स्वायत्त निरीक्षण (ऑटोनॉमस इंस्पेक्शन) और दूसरे हाई-रिस्क ऑपरेशन में किया जा सकेगा. कठिन इलाकों में तेजी से पहुंचना और सुरक्षित तरीके से बाहर निकलना इसकी बड़ी खासियत मानी जा रही है.

95 फीसदी से ज्यादा पार्ट्स चीन में बने
इस रोबोट की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसके 95 प्रतिशत से अधिक मुख्य पुर्जे चीन में ही तैयार किए गए हैं. इससे साफ संकेत मिलता है कि रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में चीन अब घरेलू तकनीक पर तेजी से निर्भर हो रहा है और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा चुका है.

सेंटॉर रोबोट सिर्फ एक नया डिजाइन नहीं, बल्कि रोबोटिक्स की नई सोच का उदाहरण माना जा रहा है. इंसानी हाथों की कार्यक्षमता, जानवर जैसे पैरों की स्थिरता और पहियों की रफ्तार को एक साथ जोड़कर इसे ऐसे कामों के लिए तैयार किया गया है, जहां पारंपरिक रोबोट आसानी से काम नहीं कर पाते. इसी वजह से यह रोबोट दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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