scorecardresearch

फ्रांस ने सीरियाई राष्ट्रपति के खिलाफ जारी किया गिरफ्तारी वारंट, जानिए क्या है पूरा मामला

फ्रांस ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके भाई माहेर अल-असद समेत दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है. सीरियाई राष्ट्रपति के खिलाफ ये पहला अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट है.

फ्रांस ने राष्ट्रपति बशर अल-असद, उनके भाई माहेर अल असद और दो अन्य अधिकारियों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. ये वारेंट मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराधों के आरोपों को लेकर जारी किया गया है. फ्रांस का मानना है कि इन्होंने सीरिया में नागरिकों के खिलाफ प्रतिबंधित रसायनिक हशियारों का इस्तेमाल किया था.

कई लोगों की हुई थी मौत 
एक दशक से भी अधिक लंबे संघर्ष की भयावहता में से एक में, अगस्त 2013 में दमिश्क के पास सरीन गैस हमलों में 1,400 से अधिक लोगों की दम घुटने से मौत हो गई. कानूनी शिकायत दर्ज कराने वाले संगठनों ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह पहली बार है कि किसी मौजूदा राष्ट्र प्रमुख को युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए किसी अन्य देश में गिरफ्तारी वारंट का विषय बनना पड़ा है. यह पहला अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट है, जो सीरिया के राष्ट्रप्रमुख के लिए जारी किया गया है. दरअसल सीरिया में साल 2011 में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए सेना ने क्रूर कार्रवाई की थी, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने युद्ध अपराध के बराबर बताया है. मानवता के खिलाफ अपराधों से संबंधित पेरिस अदालत की इकाई 2021 से रासायनिक हमलों की जांच कर रही है.

किन लोगों पर है आरोप?
फ्रांस सार्वभौमिक क्षेत्राधिकार (universal jurisdiction) के सिद्धांत के तहत दुनिया में कहीं भी किए गए कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों पर मुकदमा चला सकता है.एक न्यायिक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर पेरिस अदालत के मानवता के खिलाफ अपराध अनुभाग के मजिस्ट्रेटों की जांच द्वारा चार वारंट जारी करने की पुष्टि की. रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने एक न्यायिक स्त्रोत और सीरियाई पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों के अनुसार लिखा है कि गिरफ्तारी वारंट में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद, उनके भाई माहेर, सैन्य जनरल घासन अब्बास और बासम अल-हसन पर मानवता के खिलाफ अपराधों में संलिप्तता और युद्ध अपराधों में संलिप्तता का आरोप लगाया गया है.

राष्ट्रपति की इजाजत के बिना संभव नहीं
वहीं फ्रांस में याचिका दायर करने वाले दरविश ने कहा कि यह निर्णय 2013 के रासायनिक हमले के पीड़ितों, उनके परिवारों और बचे लोगों की जीत और सीरिया में न्याय और स्थायी शांति की दिशा में एक कदम है. दरविश ने कहा, ''सीरियाई राष्ट्रपति की जानकारी के बिना रासायनिक हमला नहीं हो सकता था क्योंकि वह सेना के सर्वोच्च कमांडर हैं. यह उनकी जिम्मेदारी है और उन्हें इस मामले में जवाबदेह ठहराया ही जाना चाहिए. 

सीरिया का इनकार
हालांकि सीरिया रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से इनकार करता है लेकिन संयुक्त राष्ट्र और रासायनिक हथियार निषेध संगठन की पिछली संयुक्त जांच में पाया गया कि सीरियाई सरकार ने अप्रैल 2017 के हमले में नर्व एजेंट सरीन का इस्तेमाल किया था और बार-बार क्लोरीन को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है. सीरियाई राष्ट्रपति और सूचना मंत्रालय ने टिप्पणी- के लिए तुरंत जवाब नहीं दिया. बता दें कि सीरियाई राष्ट्रपति के खिलाफ 2011 में जब प्रदर्शन हुआ था, तब असद की सेना ने लोगों पर क्रूरता से कार्रवाई की थी. इस घटना पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई थी और युद्ध अपराध के बराबर बताया था. सीरिया में नागरिकों के खिलाफ हुए अपराध को लेकर फ्रांस की अदालत 2021 से जांच कर रही है.