sustainable farming: ai generated image
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यूके में यूरिन से खाद बनाकर पेड़ उगाने की अनोखी पहल हो रही है. अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो खेती और पर्यावरण दोनों के लिए यह बड़ा बदलाव साबित हो सकता है. यूके का एक स्टार्टअप NPK Recovery इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है. ये कंपनी त्योहारों और बड़े इवेंट्स में लगाए गए पोर्टेबल टॉयलेट्स से यूरिन इकट्ठा करती है. इसके बाद इसे खाद में बदल दिया जाता है.
टीम पहली बार इस खाद का इस्तेमाल पेड़ उगाने में करने जा रही है. यह तीन साल का प्रोजेक्ट है, जिसे यूके की Forestry Commission का समर्थन मिला है. इसके तहत साउथ वेल्स के मॉनमाउथशायर इलाके में हजारों पेड़ लगाए जाएंगे.
4500 पेड़ों का लगेगा जंगल
इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 4,500 देसी पेड़ लगाए जाएंगे. इनमें बीच (Beech) और स्कॉट्स पाइन (Scots Pine) जैसे पेड़ शामिल हैं. इन पौधों को पहले नर्सरी में यूरिन से बनी खाद से तैयार किया जाएगा, फिर इन्हें Bannau Brycheiniog नेशनल पार्क में लगाया जाएगा. इस पहल मेंStump up for Trees भी पार्टनर है, जो पहले ही 5 लाख पेड़ लगा चुकी है.
क्यों खास है यह प्रयोग?
वैज्ञानिकों का कहना है कि यूरिन में पहले से ही पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्व होते हैं जैसे नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम. ये वही तत्व हैं, जो आमतौर पर केमिकल खाद में पाए जाते हैं. हालांकि पौधों में सीधे यूरिन का इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं होता, क्योंकि इसमें कुछ हानिकारक तत्व भी होते हैं. इसलिए NPK Recovery की टीम एक खास प्रक्रिया से इन अशुद्धियों को हटाकर इसे सुरक्षित, गंधहीन और प्रभावी खाद में बदलती है.
पहले भी सफल रहे हैं प्रयोग
इस खाद का इस्तेमाल पहले घास और फसलों पर किया जा चुका है. ट्रायल में यह पाया गया कि यह केमिकल फर्टिलाइजर जितनी ही प्रभावी है. लेकिन पेड़ों पर इसका इस्तेमाल पहली बार किया जा रहा है, इसलिए यह प्रोजेक्ट काफी अहम माना जा रहा है.
खाद की कीमतें बढ़ने से मिला बढ़ावा
हाल के समय में मध्य पूर्व में तनाव और युद्ध की वजह से केमिकल खाद की कीमतें काफी बढ़ गई हैं. इसका असर किसानों और बागवानी करने वालों पर पड़ा है. ऐसे में यह तकनीक एक सस्ता और टिकाऊ विकल्प बन सकती है. इस प्रक्रिया का एक बड़ा फायदा यह भी है कि इससे सीवेज सिस्टम पर दबाव कम होता है. आमतौर पर यूरिन पानी के साथ बहकर सीवेज में चला जाता है, लेकिन इस तकनीक से उसे दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है.
क्या घर पर भी कर सकते हैं ऐसा?
विशेषज्ञों का कहना है कि लोग घर पर सीधे यूरिन का इस्तेमाल खाद के रूप में न करें. बिना प्रोसेस किए हुए यूरिन में हानिकारक तत्व हो सकते हैं, जो पौधों और मिट्टी दोनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
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