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अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले इमरान का जनता को संबोधन, कहा- SC के फैसले से मायूस हूं

इमरान ने खुददारी और इंसाफ की बात से आज के संबोधन की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मायूस हुए हैं. उनका कहना है कि विदेशी साजिश वाली बात को सुप्रीम कोर्ट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए था, क्योंकि ये बहुत बड़ा मामला था.

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इमरान इमरान

पाकिस्तान में सियासी जंग जारी है. वहीं इमरान खान ने भी इस्तीफा देने से साफ इंकार कर दिया है. इमरान का कहना है कि वो विदेशों साजिशों के आगे घुटने नहीं टेकेंगे. शनिवार सुबह 10 बजे अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होगी. कल इमरान की पार्टी विदेशी साजिश वाली चिट्ठी की बातें रखेंगी. कल ये भी तय हो सकता है कि क्या शाहबाज शरीफ अगले पीएम के तौर पर नामांकन करेंगे. इस बीच इमरान खान ने आज फिर से पाकिस्तान की जनता को संबोधित किया है.

पाक की जनता को इमरान का संबोधन
इमरान ने खुददारी और इंसाफ की बात से आज के संबोधन की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मायूस हुए हैं. उनका कहना है कि विदेशी साजिश वाली बात को सुप्रीम कोर्ट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए था, क्योंकि ये बहुत बड़ा मामला था. उन्होंने आगे कहा कि खुलेआम सांसद खरीदे जा रहे हैं. हमारे आने वाले युवा ये सब देखकर क्या सीखेंगे. पाकिस्तान के लोकतंत्र का मजाक बनाया जा रहा है. उन्होंने नवाज शरीफ पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि ये सांसदों की खरीदी उनके समय से हो रही है.

विपक्ष के लोग बिके हुए हैं- इमरान
इमरान खान ने कहा, मैं काफी समय विदेशों में रहा हूं, लेकिन मैंने आज तक इस तरह का भ्रष्टाचार नहीं देखा. इसके अलावा उन्होंने कौम का साथ भी मांगा. उन्होंने कहा कि देश में चल रही इस बुराई के खिलाफ पूरी कौम को खड़ा रहना पड़ेगा. इमरान ने कहा, "मेरी गलती ये है कि मैंने खुलकर मुखालफत करते हुए कहा कि अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई से कोई समाधान नहीं निकल सकता. मैंने इराक में युद्ध का खुलकर विरोध किया. जबकि शरीफ और जरदारी अमेरिका के पुतले बनकर काम कर रहे थे. क्या हजारों किलोमीटर दूर ड्रोन अटैक के जरिये कोई देश फैसला कर सकता है कि जो मारा गया वो दहशतगर्द है."

22 करोड़ लोगों की तौहीन- इमरान
उन्होंने कहा कि 22 करोड़ लोगों की आबादी वाले देश के लिए ये बहुत शर्म की बात है कि कोई दूसरा देश उनके इलेक्टेड सर्वेंट के लिए हुक्म दे रहा है. उन्होंने कहा कि अगर हमें इस तरह ही जिंदगी गुजारनी है तो हमें खुद से ये पूछना चाहिए कि हम आजाद क्यों हुए थे. उन्होंने कहा कि एक शख्स को हटाने के लिए इतना ड्रामा हो रहा है. हमें एक खुददार कौम की तरह रहना होगा, ना की किसी का गुलाम बनकर रहना होगा.  इमरान ने कहा कि अमेरिका ने 4 महीने पहले साजिश रचनी शुरू की थी.

इमरान ने फिर से कि भारत की तारीफ
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान भी हमारे साथ ही आजाद हुआ था. आज भले ही कश्मीर के मुद्दे पर पाक कि भारत से दोस्ती खराब है, लेकिन हिंदुस्तान बहुत खुददार मुल्क है. कभी किसी की हिम्मत नहीं है कि वहां इस तरह की बात करे. किसी सुपर पावर की भी हिम्मत नहीं है कि वो भारत के मामले में टांग अड़ा दे. इतने सारे सैंक्शन के बावजूद भी वो रूस से आज भी तेल मंगवा रहे हैं, क्योंकि ये भारत के लोगों की जरूरत है.