scorecardresearch

बर्थ टूरिज्म पर ट्रंप सरकार सख्त! अमेरिका में पैदा हुए हर बच्चे को नहीं मिलेगी नागरिकता?

इस आदेश के मुताबिक, अगर कोई महिला सिर्फ बच्चे को अमेरिका में जन्म दिलाने के मकसद से टूरिस्ट वीजा पर वहां जाती है, ताकि जन्म के साथ ही बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिल जाए, तो ऐसे मामलों में बच्चे को नागरिकता नहीं दी जाएगी. इसे 'बर्थ टूरिज्म' कहा जाता है.

Advertisement
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका में जन्म से मिलने वाली नागरिकता (Birthright Citizenship) को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सुप्रीम कोर्ट के बीच टकराव एक बार फिर गहरा गया है. जून में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के उस पुराने आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें कुछ श्रेणी के लोगों के अमेरिका में जन्मे बच्चों को नागरिकता देने पर रोक लगाने की कोशिश की गई थी. अब ट्रंप प्रशासन ने दो नए आदेश जारी किए हैं. इनका मकसद बर्थ टूरिज्म पर रोक लगाना और उन लोगों की श्रेणियां बढ़ाना है, जिन्हें प्रशासन जन्म से अमेरिकी नागरिकता का पात्र नहीं मानता.

क्या है ट्रंप का नया आदेश?
व्हाइट हाउस में आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था और उनकी सरकार अब जरूरी बदलाव कर रही है. पहले नए आदेश का फोकस बर्थ टूरिज्म पर है. बर्थ टूरिज्म उस स्थिति को कहा जाता है, जब कोई विदेशी महिला मुख्य रूप से बच्चे को अमेरिका में जन्म दिलाने के लिए टूरिस्ट वीजा पर वहां जाती है, ताकि जन्म लेते ही बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिल जाए.

आदेश में कहा गया है कि ऐसे मामलों में, जहां किसी व्यक्ति ने व्यावसायिक व्यवस्था के जरिए गर्भवती महिला को अमेरिका लाकर बच्चे का जन्म कराने की योजना बनाई हो, वहां संबंधित बच्चे को नागरिकता से जुड़े दस्तावेज जारी नहीं किए जाएंगे.

किन अन्य मामलों को भी किया गया शामिल?
दूसरे आदेश में कुछ और श्रेणियां जोड़ी गई हैं. इसके तहत उन बच्चों को भी जन्म से नागरिकता नहीं देने की बात कही गई है, जिनके माता-पिता आतंकवादी संगठनों से जुड़े हों. इसके अलावा विदेशी सरकारों के कुछ कर्मचारियों, राजनयिकों और ऐसे लोगों के बच्चों को भी इस दायरे में रखा गया है, जिन पर अमेरिकी कानून के तहत जन्म से नागरिकता लागू नहीं होती.

व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कहा कि कई लोग पर्यटक बनकर अमेरिका आते हैं, लेकिन उनका असली मकसद बच्चे को जन्म दिलाकर उसे अमेरिकी नागरिक बनाना होता है. उनके मुताबिक, इस व्यवस्था का गलत फायदा उठाया जाता है.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
30 जून को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के पहले वाले आदेश को खारिज कर दिया था. अदालत ने माना कि अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के तहत अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी लोगों को नागरिकता मिलती है. यह व्यवस्था 150 साल से ज्यादा समय से लागू है.

ट्रंप का कहना है कि 14वां संशोधन गृह युद्ध के बाद मुख्य रूप से पूर्व गुलामों के बच्चों को नागरिकता देने के लिए लाया गया था, जबकि आज इसका इस्तेमाल बर्थ टूरिज्म जैसे मामलों में किया जा रहा है. नए आदेशों पर भी कानूनी विवाद शुरू हो गया है.

कितने मामले आते हैं?
माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट के अनुमान के मुताबिक, हर साल करीब 22 हजार से 26 हजार बच्चे ऐसे जन्म लेते हैं, जिन्हें बर्थ टूरिज्म से जोड़ा जाता है. हालांकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में विदेशी पते वाली माताओं से अमेरिका में करीब 9,600 बच्चों का जन्म दर्ज किया गया था.