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Budh Mangal Kendra Drishti Rajyog 2026: 2 अक्टूबर को बुध-मंगल की केंद्र दृष्टि से बनेगा दुर्लभ राजयोग, इन 3 राशियों का होगा भाग्योदय और मिलेगा धन-लाभ

2 अक्टूबर 2026 को बुध और मंगल परस्पर 90 डिग्री का कोण बनाकर 'केंद्र दृष्टि राजयोग' का निर्माण करेंगे. बुध की तार्किक बुद्धि और मंगल के साहस का यह संगम मिथुन, कन्या और वृश्चिक राशि वालों के लिए धन लाभ और करियर में तरक्की लेकर आएगा.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 29 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:48 AM IST

ज्योतिष में ग्रहों की आपसी स्थिति और उनके बीच बनने वाले कोण को काफी अहम माना जाता है. इसी तरह 2 अक्टूबर 2026 को बुध और मंगल एक-दूसरे से 90 डिग्री के कोण पर आएंगे. ज्योतिष में इस स्थिति को केंद्र दृष्टि कहा जाता है. मान्यता है कि बुध और मंगल की यह स्थिति कुछ राशियों के लिए करियर, कारोबार और पैसों के मामले में अच्छे मौके लेकर आ सकती है.

क्या होती है केंद्र दृष्टि?
जब दो ग्रह एक-दूसरे से चतुर्थ और दशम भाव का संबंध बनाते हुए 90 डिग्री के कोण पर होते हैं, तो इसे केंद्र दृष्टि कहा जाता है. यहां बुध को बुद्धि, तर्क, वाणी और व्यापार से जोड़कर देखा जाता है, जबकि मंगल ऊर्जा, साहस, पराक्रम और तेजी से फैसला लेने का कारक माना जाता है. 

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार बुध की समझ और मंगल की ऊर्जा का साथ मिलना व्यक्ति को मुश्किल स्थिति में भी तेजी से फैसला लेने और मौके का फायदा उठाने में मदद कर सकता है. इसी वजह से इस योग को धन और कामकाज के लिहाज से खास माना जाता है.

कब बनेगी बुध-मंगल की केंद्र दृष्टि?
2 अक्टूबर 2026 को बुध और मंगल के बीच यह 90 डिग्री का कोण बनने वाला है. इसी समय से केंद्र दृष्टि का प्रभाव माना जा रहा है. इसका असर हर राशि पर एक जैसा नहीं माना जाता, लेकिन कुछ राशियों के लिए इसका प्रभाव ज्यादा खास रह सकता है.

मिथुन राशि
मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं. इसलिए बुध और मंगल की यह केंद्र दृष्टि मिथुन राशि वालों के लिए काम और कमाई के मामले में अहम मानी जा रही है. जो लोग बिजनेस, आईटी, मार्केटिंग या मीडिया जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं, उन्हें अपनी समझ और रणनीति का फायदा मिल सकता है. कोई बड़ी व्यावसायिक डील आगे बढ़ सकती है और काम में लिए गए फैसले आर्थिक फायदा दे सकते हैं. रुका हुआ पैसा मिलने से भी आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत दिख रहे हैं.

उपाय- बुधवार को भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं और मोदक का भोग लगाएं. बुध की शुभता के लिए 'ॐ बुं बुधाय नमः' मंत्र का जाप भी कर सकते हैं.

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल माने जाते हैं. ऐसे में मंगल और बुध की केंद्र दृष्टि इस राशि के लोगों के लिए साहस के साथ सही योजना बनाने का मौका दे सकती है. अगर आप किसी नए काम की शुरुआत करने की सोच रहे हैं तो उसमें आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं. पुराने निवेश या शेयर बाजार से अचानक आर्थिक फायदा होने की संभावना भी ज्योतिषीय गणना में बताई गई है. इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ सकता है और मुश्किल कामों को पूरा करने की हिम्मत मिलेगी.

उपाय- मंगल की शुभता के लिए मंगलवार और गुरुवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें. 'ॐ अं अंगारकाय नमः' मंत्र का जाप भी कर सकते हैं.

कन्या राशि
कन्या राशि के स्वामी भी बुध हैं. बुध-मंगल की केंद्र दृष्टि को कन्या राशि वालों के करियर के लिए खास माना जाता है. नौकरी करने वालों को कोई बड़ा प्रोजेक्ट या नई जिम्मेदारी मिल सकती है. काम करने के तरीके और फैसले लेने की क्षमता से वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित हो सकते हैं. इससे प्रमोशन या इंक्रीमेंट का रास्ता खुलने की संभावना बन सकती है. वहीं रियल एस्टेट या प्रॉपर्टी से जुड़े कारोबार में भी फायदा मिलने के मौके बन सकते हैं.

उपाय- बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दूर्वा अर्पित करें. साथ ही बुध मंत्र का जाप करना शुभ होगा. मंगल के लिए मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें.
 

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