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Mangal Grah: मंगल के अशुभ योग करते हैं भारी नुकसान, जानें इससे बचने के आसान उपाय

Mangal Dosha: ज्योतिष में मंगल ग्रह को बहुत शक्तिशाली ग्रह माना जाता है. कुंडली में मंगल ग्रह के शुभ और अशुभ योग जिंदगी का रुख तय करते हैं. आइए मंगल के अशुभ योग से बचने के उपायों के बारे में जानते हैं.

Mangal Grah
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 04 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:50 PM IST

ज्योतिष में सूर्य के बाद सबसे प्रमुख ग्रह मंगल को माना गया है. मंगल को लाल ग्रह भी कहते हैं. ज्योतिष शास्त्र कहता है कि आपकी कुंडली में यदि आपका मंगल अशुभ है, नीच का है या फिर दूसरे ग्रहों के साथ अशुभ संयोग बना रहा है तो आपके जीवन में अशुभ परिणाम होते हैं. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि कुंडली में मंगल दोष हो तो शादी विवाह में अड़चन शुरू हो जाती है. मंगल नीच का हो तो धन की हानि और दुर्घटनाएं शुरू हो जाती हैं. मंगल अशुभ हो तो जीवन में ऐसे संकट सामने आ खड़े होते हैं, जो पहाड़ से लगने हैं. 

1. अंगारक योग
अंगारक योग तब बनता है जब कुंडली में मंगल और राहु एक साथ होते हैं. यह योग दुर्घटनाओं, सर्जरी और पारिवारिक समस्याओं का कारण बनता है. अंगारक योग इंसान का स्वभाव बहुत क्रूर और नकारात्मक बना देता है. इस योग की वजह से परिवार के साथ रिश्ते बिगड़ने लगते हैं. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि इस योग के प्रभाव को कम करने के लिए मंगलवार का उपवास रखें और कुमार कार्तिकेय की पूजा करें.

2. मंगल दोष
मंगल दोष तब बनता है जब मंगल लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में हो. यह दोष रिश्तों में तनाव और विवाह में देरी का कारण बनता है. कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें और बारहवें स्थान में मंगल हो तो मंगलदोष का योग बनता है. इस योग में जन्म लेने वाले व्यक्ति को मांगलिक कहते हैं. इसे कम करने के लिए हनुमान जी को चोला चढ़ाने और जमीन पर सोने की सलाह दी गई.

3. नीचस्थ मंगल
नीचस्थ मंगल तब होता है जब मंगल कर्क राशि में हो. यह आत्मविश्वास और साहस की कमी का कारण बनता है. यह योग खून की कमी का भी कारण बनता है. कभी–कभी कर्क राशि का नीचस्थ मंगल इंसान को डॉक्टर या सर्जन भी बना देता है. इस नीचस्थ मंगल को सुधारने के लिए तांबे का कड़ा पहनने और गुड़ व काली मिर्च का सेवन करने की सलाह दी गई.

4. अग्नि योग
मंगल का एक और अशुभ योग है जो बहुत खतरनाक है. इसे शनि मंगल (अग्नि योग) कहा जाता है. इसके कारण इंसान की जिंदगी में बड़ी और जानलेवा घटनाओं का योग बनता है. ज्योतिष में शनि को हवा और मंगल को आग माना जाता है. जिनकी कुंडली में शनि मंगल (अग्नि योग) होता है उन्हें हथियार, हवाई हादसों और बड़ी दुर्घटनाओं से सावधान रहना चाहिए. हालांकि यह योग कभी-कभी बड़ी कामयाबी भी दिलाता है. शनि मंगल (अग्नि योग) दोष के प्रभाव को कम करने के लिए रोज सुबह माता-पिता के पैर छुएं. हर मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करने से इस योग का प्रभाव कम होगा.


 

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