Importance of Metals in Astrology: धातु का ग्रह से होता है संबंध, जानें किस राशि के लिए कौन सी धातु है शुभ? 

ज्योतिष शास्त्र में धातुओं का ग्रहों से गहरा संबंध बताया गया है. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक प्रत्येक धातु एक विशेष ग्रह के कंपन और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती है. यदि कुंडली में किसी ग्रह का प्रभाव कमजोर हो तो उससे संबंधित धातु धारण करने से लाभ होता है. आइए जानते हैं किस राशि के लिए कौन सी धातु शुभ है? 

Importance of Metals in Astrology
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2026,
  • अपडेटेड 3:42 PM IST

ज्योतिष शास्त्र में धातुओं का ग्रहों से गहरा संबंध बताया गया है. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक प्रत्येक धातु एक विशेष ग्रह के कंपन और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती है. यदि कुंडली में किसी ग्रह का प्रभाव कमजोर हो तो उससे संबंधित धातु धारण करने से लाभ होता है.

1. स्वर्ण: दुनिया की सारी धातुओं में सबसे उर्जावान धातु स्वर्ण है. इस धातु का सीधा संबंध बृहस्पति से होता है. पाचन तंत्र, क्रोध और प्रशासन पर ये सीधा असर डालता है. मेष, कर्क, सिंह, धनु और मीन राशि के लिए ये धातु अत्यंत शुभ होती है. कन्या, मकर और कुंभ राशि के लिए ये धातु शुभ प्रभाव नहीं देती. 

2. चांदी: यह धातु अत्यंत शीतल और औषधीय प्रभाव युक्त होती है. इसका सीधा संबंध चंद्रमा से होता है. यह धातु शरीर में कफ और जल तत्त्व को नियंत्रित करती है. इसके अलावा यह धातु मन पर भी असर डालती है. वृष, कर्क, तुला, वृश्चिक और मीन राशि के लिए यह धातु शुभ होती है. मेष, सिंह, धनु और मकर राशि के लिए यह धातु आम तौर पर पर बेहतर नहीं होती. 

3. तांबा: इस धातु का गुण जल और अग्नि का मिला जुला होता है. आम तौर पर यह औषधीय धातु है और इसका सीधा संबंध सूर्य और मंगल से होता है. त्वचा, रक्त प्रवाह और पाचन तंत्र पर इसका असर पड़ता है. मेष, सिंह और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह धातु विशेष अनुकूल होती है. मिथुन, कन्या और तुला राशि के जातकों के लिए यह धातु अनुकूल नहीं होती. 

4. लोहा: सारी धातुओं में सबसे ज्यादा रहस्यमयी धातु लोहा मानी जाती है. यह शनि देव की धातु मानी जाती है. रक्त प्रवाह,हड्डियों और बालों तथा कोशिकाओं पर इस धातु का असर ज्यादा पड़ता है. यह धातु मकर और कुम्भ राशि के लिए सबसे ज्यादा अनुकूल होती है और सिंह राशि के लिए सबसे ज्यादा प्रतिकूल. 

5. स्टील: इसके गुण लोहे से काफी मिलते-जुलते हैं लेकिन यह धातु राहु-केतु की धातु है. इसका सम्बन्ध दुर्घटनाओं, संचार और शक्ति से होता है. जिन लोगों को दुर्घटनाओं की, संचार की बीमारियों की या बार बार उतार चढ़ाव की समस्या हो, ऐसे लोगों के लिए ये धातु अदभुत परिणाम देती है. 

6. पीतल:  यह धातु शुद्ध रूप से अग्नि तत्व की धातु है. इसमें कुछ अंश जल तत्व का पाया जाता है. इस धातु का सम्बन्ध बृहस्पति और चन्द्रमा से होता है. इस धातु का असर शरीर के पित्त, त्वचा और आंखों पर पड़ता है. मेष, कर्क, सिंह, धनु और मीन राशि के लिए यह धातु शुभ परिणाम देती है. 


 

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