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रुद्राक्ष पहनते हैं तो रखें ये सावधानियां, नहीं तो फायदे की जगह हो जाएगा नुकसान

रुद्राक्ष धारण करने से तथा विशेष प्रयोग करने से विशेष तरह के परिणाम और फल प्राप्त होते हैं. रुद्राक्ष को धातु के साथ धारण करना अच्छा होता है. सात मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति की धन-संबंधी सभी समस्या दूर हो जाती है.

रुद्राक्ष
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 28 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 11:46 PM IST
  • धन-संबंधी सभी समस्या दूर हो जाती है.
  • कौन सा रुद्राक्ष पहनना आपके लिए सही.

हिंदू धर्म में रुद्राक्ष काफी अहमियत रखता है. रुद्राक्ष को भगवान शिव का सबसे प्रिय रत्न माना जाता है. मान्यताएं हैं कि शिव के नेत्रों से रुद्राक्ष उत्पन्न हुआ था. रुद्राक्ष को सभी सिद्धियों को देने वाला माना जाता है. रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है. मान्यता है कि सात मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति की धन-संबंधी सभी समस्या दूर हो जाती है. तीनमुखी रुद्राक्ष धारण करने पर अग्निदेव सदा प्रसन्न रहते हैं. सात मुखी रुद्राक्ष का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है. रुद्राक्ष घिस कर तिलक लगाने से तेज और सौंदर्य में वृद्धि होती है. तलवों में तथा मस्तक पर रुद्राक्ष का लेप लगाने से मानसिक शांति मिलती है तथा शिक्षा में अच्छे परिणाम मिलते हैं.

रुद्राक्ष पहनने से क्या लाभ मिलता है

इनको धारण करने से तथा विशेष प्रयोग करने से विशेष तरह के परिणाम और फल प्राप्त होते हैं. माना जाता है कि रुद्राक्ष अकाल मृत्यु तथा शत्रु बाधा से रक्षा करता है. कुल मिलाकर चौदह मुखी रुद्राक्ष पाए जाते हैं. इसके अलावा गौरी-शंकर और गणेश रुद्राक्ष भी पाए जाते हैं. हालांकि रुद्राक्ष पहनने से पहले कई नियम होते हैं जिसका जानना आपके लिए बेहद जरूरी है. चलिए जानते हैं वो नियम

-रुद्राक्ष को लाल धागे या पीले धागे में धारण करें.
-इसको पूर्णिमा,अमावस्या या किसी सोमवार को धारण करना श्रेष्ठ होता है.
-रुद्राक्ष एक, सत्ताईस ,चौवन या एक सौ आठ  की संख्या में ही धारण करना चाहिए.
-इसको धारण करने के बाद मांस और मदिरा का सेवन न करें.
-रुद्राक्ष को धातु के साथ धारण करना और भी अच्छा होता है. 
-तांबे के साथ धारण करने पर यह चमत्कारी परिणाम देता है.
-दूसरे की धारण की हुई रुद्राक्ष की माला धारण न करें.
-सोते समय रुद्राक्ष उतार देना ठीक होगा.

कौन सा रुद्राक्ष पहनना आपके लिए सही

शीघ्र विवाह के लिए - दो मुखी रुद्राक्ष या गौरी शंकर रुद्राक्ष 
शिक्षा और एकाग्रता के लिए - पञ्च मुखी रुद्राक्ष 
स्वास्थ्य और आयु के लिए - एक मुखी या ग्यारह मुखी 
नौकरी की बाधाओं से बचने के लिए - तीन मुखी रुद्राक्ष 
गुस्सा छुड़ाने के लिए- पंचमुखी रुद्राक्ष जिसमे बीच में एक मुखी रुद्राक्ष हो 
भक्ति के लिए- ग्यारह मुखी रुद्राक्ष 
 

 

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