शनिदेव न्याय और कर्म फल देने वाले देवता हैं. शनिदेव गलत करने पर दंड देते हैं. ऐसे में शनिदेव के नाम से लोग सबसे ज्यादा डरते हैं. शनिदेव की पूजा और दान सबसे अधिक किए जाते हैं. ज्योतिष शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि दान करके हम बहुत सारी समस्याओं को दूर कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि शनि की वस्तुओं का दान कब करें और शनि के लिए कब दान नहीं करना चाहिए.
शनि की वस्तुओं का दान कब और किस व्यक्ति को करना चाहिए?
जब शनि के कारण जीवन में संघर्ष बढ़ रहा हो, जब शनि के कारण रोजगार में समस्या आ रही हो, जब शनि के कारण लम्बे समय से बीमारी से जूझ रहे हों, ऐसे में समाज के निर्बल और गरीब तबके को शनि का दान करना सर्वोत्तम होगा. इसके अलावा जो आपसे कमजोर हो उसे भी दान कर सकते हैं. प्रकाश का दान अन्धकार को ही करना चाहिए. छाया का दान किसी स्त्री को करना ज्यादा बेहतर होगा.
शनि के लिए दान किन लोगों को नहीं करना चाहिए?
जिनकी कुंडलियों में शनि लाभकारी हो, जिनका जीवन शनि पर निर्भर करता हो, जो लोग लोहे, कोयले, पेट्रोल अथवा काली चीजों के कार्य से सम्बन्ध रखते हों. वृष, कन्या, तुला, मकर और कुम्भ लग्न वालों को शनि का दान नहीं करना चाहिए. किसी दबाव में या बिना मन के भी शनि का दान नहीं करना चाहिए.
दान के साथ किस नियम का पालन करें?
ये दान सूर्यास्त के बाद करें तो ज्यादा बेहतर होगा. दान अच्छी वस्तुओं का ही करें. पहले दान की वस्तु को रखकर शनि मंत्र का जाप करें. इसके बाद शनि देव से प्रार्थना करते हुए दान करें .
अशुभ प्रभावों को दूर करने के लिए क्या दान करना चाहिए?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिदेव को प्रसन्न करने और जीवन की बाधाओं, साढ़ेसाती या ढैय्या के कष्टों को दूर करने के लिए शनिवार के दिन काली वस्तुएं जैसे काले तिल, उड़द दाल, सरसों का तेल और काले वस्त्रों का दान करना बेहद प्रभावी माना गया है. स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या से मुक्ति के लिए छाया दान करना चाहिए. धन और आर्थिक समस्याओं से मुक्ति के लिए शनिवार को काले वस्त्रों का दान करना चाहिए. दुर्घटनाओं से रक्षा के लिए शनिवार को काले चने या काली उरद की दाल का दान करना चाहिए. अपयश से बचाव के लिए और शनि की कृपा के लिए प्रकाश का दान करें. रोजगार की समस्याओं से छुटकारे के लिए लोहे की वस्तुओं का दान करें.