Shani Vakri 2026 Chaturmas: शनि देव को न्याय के देवता (Lord of Justice) कहा जाता है. पौराणिक कथाओं के मुताबिक भगवान शिव ने शनि देव को यह पद प्रदान किया था. शनि देव हर व्यक्ति को उसके कर्म का फल देते हैं. शनि देव 27 जुलाई से मीन राशि में वक्री (उल्टी चाल) होने जा रहे हैं. वह इस स्थिति में 11 दिसंबर 2026 तक रहेंगे. आपको मालूम हो कि वक्री होने का मतलब है कि शनि भगवान पृथ्वी से देखने पर उल्टी चाल चलते हुए प्रतीत होंगे. आपको मालूम हो कि इसी दौरान चातुर्मास (भगवान विष्णु के शयन का समय) भी शुरू हो चुका होगा. इसके चलते शनि देव का प्रभाव और अधिक उग्र तथा तीव्र हो जाएगा. शनि देव के वक्री होने पर और शक्तिशाली हो जाते हैं और लोगों को उनके कर्मों का फल दोगुनी गति से देते हैं. यहां आप जान सकते हैं शनि देव के वक्री होने पर किस राशि वालों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
शनि देव के वक्री होने पर किस राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव
1. मेष राशि: शनि देव आपकी राशि से 12वें भाव में वक्री होंगे. ऐसे में अनचाहे और अचानक होने वाले खर्च बढ़ सकते हैं. इस दौरान आप कोर्ट-कचहरी के मामलों में सावधानी बरतें. विदेशों से जुड़े काम में लाभ हो सकता है, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें.
2. वृषभ राशि: शनि देव आपकी राशि से 11वें भाव में वक्री होंगे. ऐसे में यह समय आपके लिए आर्थिक रूप से बेहद फायदेमंद रहेगा. इस दौरान रुके हुए धन की प्राप्ति होगी. इस दौरान निवेश से लाभ के योग हैं. हालांकि, आपका अपने बड़े भाई और बहनों या मित्रों के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं.
3. मिथुन राशि: शनि भगवान आपकी राशि से 10वें भाव में वक्री होंगे. इससे कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां और काम का बोझ बढ़ेगा. इस दौरान यदि आप नौकरी में बदलाव करने की सोच रहे हैं तो थोड़ा रुक जाएं. अपने सीनियर्स के साथ तालमेल बिठाकर चलें. देरी होगी लेकिन मेहनत का फल जरूर मिलेगा.
4. कर्क राशि: शनि देव आपकी राशि से 9वें भाव में वक्री होंगे. ऐसे में आपको भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय कर्म पर भरोसा करना होगा. धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे. पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें. उच्च शिक्षा से जुड़े छात्र-छात्राओं को सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी.
5. सिंह राशि: शनि देव आपकी राशि से 8वें भाव में वक्री होंगे. ऐसे में सिंह राशि वालों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी होगी. वाहन चलाते समय सतर्क रहें. गुप्त शत्रुओं से परेशानी हो सकती है. आर्थिक मामलों में कोई भी बड़ा जोखिम या निवेश करने से बचें.
6. कन्या राशि: शनि भगवान आपकी राशि से 7वें भाव में वक्री होंगे. ऐसे में वैवाहिक जीवन में तनाव या गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. पार्टनरशिप में व्यापार करने वाले लोग पैसों के लेनदेन में पारदर्शिता रखें. नए व्यापार की शुरुआत के लिए समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण है.
7. तुला राशि: शनि भगवान आपकी राशि से छठवें भाव में वक्री होंगे. ऐसे में शत्रुओं पर आपको विजय मिलेगी. कर्ज चुकाने में आप सफल रहेंगे. नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय अच्छा रहेगा. इस दौरान पुरानी बीमारियों के उभरने की आशंका है. ऐसे में अपनी सेहत का ध्यान रखें.
8. वृश्चिक राशि: शनि देव आपकी राशि से 5वें भाव में वक्री होंगे. ऐसे में संतान पक्ष को लेकर कुछ चिंताएं रह सकती हैं. इस दौरान प्रेम संबंधों में थोड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है. अपनी वाणी पर संयम रखें. विद्यार्थियों का मन पढ़ाई से भटक सकता है. शेयर मार्केट या सट्टेबाजी से दूर रहें.
9. धनु राशि: शनि देव आपकी राशि से चौथे भाव में वक्री होंगे. ऐसे में पारिवारिक सुख-शांति में कमी महसूस हो सकती है. मां के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है. भूमि या वाहन खरीदने की योजना में थोड़ी अड़चन आ सकती है. इस दौरान आपके कार्यस्थल पर आपकी कार्यकुशलता की परीक्षा होगी.
10. मकर राशि: शनि देव आपकी राशि से तीसरे भाव में वक्री होंगे. ऐसे में आपके आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी. छोटे भाई-बहनों के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकता है. छोटी दूरी की यात्राएं लाभदायक रहेंगी. रुके हुए काम अपनी मेहनत के बल पर पूरे होंगे.
11. कुंभ राशि: शनि भगवान आपकी राशि से दूसरे भाव में वक्री होंगे. आपको मालूम हो कि अभी आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है. वक्री शनि के कारण धन संचय करने में परेशानी आ सकती है. कटु वचन बोलने से बचें अन्यथा बने बनाए रिश्ते बिगड़ सकते हैं.
12. मीन राशि: शनि देव आपकी ही राशि में वक्री हो रहे हैं, जहां साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है. ऐसे में मानसिक तनाव और भ्रम की स्थिति बन सकती है. कोई भी बड़ा निर्णय जल्दबाजी या भावुकता में न लें. शारीरिक थकान और आलस्य से बचें. नियमित योग और अनुशासन ही आपको सफलता दिलाएगा.