शुक्र ग्रहों में कोमल और सौंदर्यवान माना जाता है. इसको ग्रहों में मंत्री पद प्राप्त है. यह जीवन की भावनाओं से सम्बन्ध रखता है. कुछ लोग कुछ अंशों में इसे गुरु का दर्जा भी देते हैं. यह विवाह प्रेम और सुख प्रदान करने वाला ग्रह है. शुक्र मुख्यतः जल तत्व का ग्रह है. इसकी दो राशियां वृष और तुला हैं. वृष राशि पृथ्वी तत्व की राशि है, जबकि तुला वायु तत्व की. वृष राशि के लिए शुक्र अनुशासन पैदा करता है जबकि तुला राशि के लिए शुक्र उन्मादी हो जाता है. वैसे इन दोनों में से शुक्र की ज्यादा प्रिय राशि तुला है.
शुक्र की पहली राशि वृष: इस पृथ्वी तत्व की राशि का स्वामी शुक्र है. चन्द्रमा यहां बेहद शक्तिशाली होता है. इस राशि में बुध की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है. इस राशि को सौंदर्य, साहस, आत्मविश्वास की राशि माना जाता है. यह राशि वाणी और धन को सीधे तौर से प्रभावित करती है. यह राशि शुक्र से प्रभावित होने के बावजूद अनुशासित रहती है. इस राशि की सबसे बड़ी कमजोरी जिद्दी और क्रोधी स्वभाव है. इनको सलाह लेकर एक पन्ना धारण करना चाहिए. इन लोगों को भगवान शिव की उपासना जरूर करनी चाहिए.
शुक्र की दूसरी राशि तुला: इस वायु की राशि का स्वामी शुक्र है. यह शनि की सबसे प्रिय राशि है. इनका जीवन शनि की कृपा से ही चलता है. इस राशि के लोग ग्लैमरस, उदार और सरल स्वभाव के होते हैं. न्याय, आकर्षण और धन इनके पास खूब होता है. यह प्रेम और विवाह के लिए बहुत महत्वपूर्ण राशि मानी जाती है. इनकी सबसे बड़ी कमजोरी दिखावा और अतिविश्वास है. इस राशि के लोगों को नियमित शनि देव की उपासना करनी चाहिए. सलाह लेकर शनि का रत्न भी पहनना चाहिए.
आपकी राशि वृष है और जीवन में समस्या आ रही है तो क्या उपाय करें: वृष राशि वालों को हमेशा व्यर्थ के संघर्ष से बचना चाहिए. यह राशि कभी-कभी व्यर्थ मेहनत करवाती है. इस राशि के लोगों को नित्य प्रातः और सायं माता लक्ष्मी की उपासना करनी चाहिए. चांदी अवश्य ही धारण करें.
आपकी राशि तुला है और जीवन में समस्या आ रही है तो क्या उपाय करें: तुला राशि वालों को पारिवारिक जीवन का विशेष ध्यान रखना चाहिए. अक्सर पारिवारिक और वैवाहिक जीवन को लेकर समस्याएं परेशान करती हैं. इनको नियमित रूप से शुक्र के मन्त्र का जप करना चाहिए. साथ ही सलाह लेकर एक पन्ना धारण करना चाहिए.