Photo Direction Vastu Niyam: हम अपने घर में सुंदरता के लिए, यादों के लिए और पूजा पाठ के लिए विभिन्न प्रकार के चित्र लगाते हैं. ये चित्र रंगीन भी होते हैं, सादे भी होते हैं, बड़े और छोटे भी होते हैं. आपको मालूम हो कि इन चित्रों का वास्तु से गहरा संबंध होता है. इन चित्रों के अंदर से विशेष तरह की तरंगें निकलती हैं. इसी कारण इनका सीधा असर हमारे मन पर पड़ता है. ये मन को अच्छा भी कर सकते हैं और खराब भी. चित्रों से न केवल मन को प्रभावित किया जा सकता है बल्कि स्वभाव, ग्रह और भाग्य पर भी असर डाला जा सकता है. घर के अंदर तस्वीरों को सही दिशा में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि बढ़ती है. उधर, गलत चित्र मानसिक अशांति और तनाव का कारण बन सकती है.
घर में कैसे चित्र लगाएं
पूजा उपासना के लिए घर में देवी-देवता या अपने गुरु का चित्र लगाया जाता है. ये चित्र जितना साफ और स्पष्ट हो, उतना ही अच्छा होगा. इन चित्रों को पूजा स्थान या कार्य स्थल पर लगाना चाहिए. अपने शयन कक्ष में अपने विवाह के समय का चित्र लगाना चाहिए. चाहें तो पति-पत्नी का संयुक्त चित्र लगा सकते हैं. माता पिता या भाई बहन का चित्र उत्तर की ओर लगाएं. यदि किसी मृत व्यक्ति का चित्र लगाना है तो इसे दक्षिण दीवार पर लगाएं. घर के डाइनिंग एरिया में संयुक्त परिवार का चित्र लगाना अच्छा माना जाता है.
अलग-अलग कामनाओं के लिए और भाग्य बढ़ाने के लिए कैसे लगाएं चित्र
घर में प्रेम बढ़ाने के लिए ड्राइंग रूम या मुख्य द्वार के आस पास फूलों या पानी का चित्र लगाएं. आर्थिक सम्पन्नता के लिए पूजा स्थान पर बैठी हुईं लक्ष्मी जी का चित्र लगाएं. संतान की प्राप्ति के लिए कमल के फूल का चित्र या गाय का चित्र शयन कक्ष में लगाएं. अच्छे स्वास्थ्य के लिए काम के स्थान पर उगते सूर्य का चित्र लगाएं. हर तरह के कष्ट के नाश के लिए पूजा स्थान पर शिव जी या कृष्ण जी का चित्र आशीर्वाद की मुद्रा में लगाएं.
चित्रों को लगाने में किस तरह की बरतें सावधानियां
घर में जहां तक हो सके रंगीन और सुंदर चित्र लगाएं. जंगली जानवरों, आग और कांटों के चित्र न लगाएं. चित्रों को साफ रखें, उनपर धूल न जमने दें. पूजा के स्थान पर पति-पत्नी और बच्चों का चित्र और शयन कक्ष में देवी-देवताओं के चित्र न लगाएं. घर में बहुत सारे चित्र न लगाएं. इससे रिश्तों में उलझन पैदा होगी.