किसी भी व्यक्ति में अच्छी वाणी का गुण होना बहुत जरूरी होता है. वाणी अगर अच्छी हो तो लोग आपकी तरफ आकर्षित होते हैं. लेकिन अगर आपकी वाणी खराब है, तो लोग आपसे दूर भागते हैं. वाणी का संबंध केवल इंसान से नहीं बल्कि ग्रहों के साथ भी होता है.
किसी इंसान की कुंडली का दूसरा भाव और स्वामी उस व्यक्ति की वाणी को कंट्रोल करता है. इसके अलावा तीसरा और आठवां भाव भी वाणी से संबंध रखता है. इन्हीं भावों से व्यक्ति की आर्थिक और पारिवारिक स्थिति भी देखी जाती है. इस प्रकार वाणी, आर्थिक और पारिवारिक स्थितियां एक दूसरे से जुड़ी हुई होती हैं.
वृषभ राशि और बुध का सीधा संबंध आपकी वाणी से होता है. ये दोनों ग्रह व्यक्ति को अभिव्यक्ति करने की अच्छी शक्ति प्रदान करते हैं. बृहस्पति भी व्यक्ति को बेहतरीन वाणी की शक्ति प्रदान करता है.
व्यक्ति की जबान अच्छी नहीं होती?
अगर कुंडली में सूर्य या मंगल का प्रभाव होता है तो व्यक्ति की जुबान अच्छी नहीं होती. साथ ही अगर राहु का सीधा संबंधध बुध या बृहस्पति से होता है, तब भी वाणी अच्छी नहीं होती. अगर कुंडली के दूसरे भाव पर पाप ग्रहों का प्रभाव है तो इसका प्रभाव आपकी वाणी पर भी पड़ेगा.
साथ ही अगर आपकी राशि अग्नि तत्त्व या जल तत्व की है तो वाणी अच्छी नहीं होती है. केवल कुंडली और ग्रह ही नहीं, अगर खान-पान और जीवनशैली ठीक नहीं है तो आपकी जुबान अच्छी नहीं होती. अगर आपने कभी किसी मंत्र का गलत या अशुद्ध जाप किया है तो भी इसका असर आपकी वाणी पर नकारात्मक पड़ता है.
कब व्यक्ति बहुत अच्छा बोलता है?
अगर कुंडली में बुध मजबूत है तो व्यक्ति की वाणी अच्छी होती है. साथ ही बुध और बृहस्पति ग्रह मजबूत हों तो व्यक्ति मधुर बोलता है. शनि ग्रह के वाणी भाव में होने पर भी अच्छी वाणी मिलती है. लेकिन कभी-कभी उसमें तीखापन आ जाता है. आमतौर पर पृथ्वी तत्व और वायु तत्व की राशि वाले लोग भी अच्छा बोलते हैं.
कैसे वाणी से चमकाएं किस्मत?
मधुर वाणी हर किसी को पसंद आती है. साथ ही अगर वाणी मधुर हो तो किस्मत भी पलट सकती है. इसलिए वाणी को मधुर बनाने के लिए आप रोज सुबह और शाम गायत्री मंत्र का अभ्यास करें. साथ ही अपने खानपान को भी शुद्ध रखें. एक अलावा उपाय के लिए आप महीने में एक बार पूर्णिमा का उपवास जरूर रखें. साथ ही किसी ज्योतिष की सलाह लेकर पीला पुखराज या पन्ना भी धारण किया जा सकता है.