Relationship of Planets with Business: व्यवसाय से किस्मत और ग्रहों का क्या है संबंध, जानें व्यापार में कैसे पाएं सफलता? 

हर तरह के व्यवसाय और कारोबार के पीछे किसी एक ही ग्रह की भूमिका होती है. कभी-कभी कारोबार का ग्रह किसी ग्रह के कारण गड़बड़ हो जाता है. ऐसी दशा में कारोबार में उतार-चढ़ाव चलता रहता है. आइए जानते हैं क्या है व्यवसाय का ग्रहों से कनेक्शन और व्यापार में सफलता पाने के लिए क्या उपाय करने चाहिए?

Relationship of Planets with Business
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 03 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:09 PM IST

हर तरह के व्यवसाय और कारोबार के पीछे किसी एक ही ग्रह की भूमिका होती है. यदि वह ग्रह अच्छा है तो कारोबार फलता फूलता है. अगर वह ग्रह कमजोर है तो कारोबार या तो बंद हो जाता है या नुकसान देता है. कभी-कभी कारोबार का ग्रह किसी ग्रह के कारण गड़बड़ हो जाता है. ऐसी दशा में कारोबार में उतार-चढ़ाव चलता रहता है. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि कारोबार से सम्बंधित ग्रह को मजबूत करके हम अपने काम को काफी हद तक बेहतर कर सकते हैं.

वस्त्रों का व्यवसाय कैसे बनाएं बेहतर
यह व्यवसाय बहुत सारे ग्रहों से सम्बन्ध रखता है लेकिन मुख्य रूप से यह शुक्र का व्यवसाय है. इस व्यवसाय को बेहतर करने के लिए नित्य प्रातः और सायं शुक्र के मंत्र का जाप करें. एक स्फटिक की माला गले में धारण करें. हर शुक्रवार को मां लक्ष्मी को सफेद मिठाई का भोग लगाएं. जहां तक हो सके काले रंग के प्रयोग से बचें. 

खाने-पीने की चीजों का व्यवसाय
अनाज का व्यवसाय मुख्य रूप से बृहस्पति का व्यवसाय है. पके हुए भोजन के पीछे शुक्र की भूमिका होती है. जलीय खाद्य के पीछे मुख्य रूप से चन्द्रमा होता है. हर तरह के खाद्य पदार्थ के व्यवसाय में सफलता के लिए श्री कृष्ण की उपासना करें. नित्य प्रातः और सायं क्लीं कृष्ण क्लीं का 108 बार जाप करें. मस्तक पर नित्य सफेद या पीला चन्दन लगाएं. अपने पास एक पीले रंग का रेशमी रुमाल रखें. 

सौंदर्य प्रसाधन या महिलाओं से संबंधि व्यवसाय
यह व्यवसाय शुद्ध रूप से शुक्र से सम्बन्ध रखता है. कहीं कहीं पर इसमें चन्द्रमा की भूमिका भी आ जाती है. इस व्यवसाय में सफलता के लिए अपने कार्यस्थल पर देवी लक्ष्मी की स्थापना करें. उन्हें नित्य प्रातः गुलाब की सुगंध का इत्र अर्पित करें. इसके बाद ॐ श्रीं श्रियै नमः का जाप करें. हर शुक्रवार शाम को देवी को सफ़ेद सुगन्धित फूल अर्पित करें. 

जमीन, निर्माण और ठेकेदारी का व्यवसाय 
इस व्यवसाय का मुख्य ग्रह शनि है. कुछ हद तक इसमें मंगल की भूमिका भी होती है. इस व्यवसाय में सफलता के लिए लाल रंग के हनुमान जी की स्थापना करें. नित्य प्रातः उनके सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं. इसके बाद बोल बोलकर एक बार हनुमान चालीसा का पाठ करें. मंगलवार को मजदूरों को हलवा पूरी बांटें. 

शिक्षा, सलाहकारिता का व्यवसाय
यह व्यवसाय बुध, बृहस्पति और शुक्र से सम्बन्ध रखता है. परन्तु है मुख्य रूप से बृहस्पति का व्यवसाय है. इस व्यवसाय में सफलता के लिए भगवान शिव की उपासना करनी चाहिए. नित्य प्रातः शिव जी को सफेद या पीले फूल चढ़ाएं. इसके बाद ॐ आशुतोषाय नमः का जाप करें. अपने कार्यस्थल का रंग हल्का पीला या सफेद रखें. 

लोहे, कोयले या पेट्रोल का व्यवसाय 
यह व्यवसाय शनि और कुछ हद तक मंगल का है. इस व्यवसाय में सफलता के लिए एक लोहे का छल्ला जरूर धारण करें. दाहिनी कलाई में काला रेशमी धागा बांधें या काली स्ट्रेप वाली घड़ी लगाएं. रोज रात में 108 बार ॐ शं शनैश्चराय नमः का जाप करें. शनिवार को तिलयुक्त भोजन का दान करें. 


 

Read more!

RECOMMENDED