बृहस्पति को ग्रहों में गुरु कहा जाता है. बृहस्पति को अत्यंत ज्ञानी और गंभीर माना जाता है. यह व्यक्ति की आयु, धर्म और ज्ञान को प्रभावित करता है. इससे व्यक्ति को मान-सम्मान, प्रतिष्ठा और दर्शन प्राप्त होता है. यदि गुरु कमजोर हो तो व्यक्ति के जीवन में ईश्वर की कृपा नहीं होती. व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में समस्या अवश्य आती है. व्यक्ति को मोटापे, लिवर, मधुमेह या अहंकार की समस्या हो जाती है.
महिलाओं के विवाह से बृहस्पति का क्या है संबंध
किसी भी महिला के व्यक्तित्व और विवाह के लिए बृहस्पति सबसे महत्वपूर्ण ग्रह है. बृहस्पति उनके स्वास्थ्य और संतान पर भी असर डालता है. महिलाओं का अच्छा बृहस्पति उन्हें एक कुशल गृहिणी बनाता है. इनका करियर भी अच्छा हो जाता है और गृहस्थ जीवन भी. महिला का अच्छा बृहस्पति उनके सुखद जीवन की गारंटी है.
किसी महिला का बृहस्पति खराब होने के क्या होते हैं परिणाम
बिना बृहस्पति के महिलाओं का न तो विवाह होगा और न ही चलेगा. बृहस्पति कमजोर हो तो विवाह में खूब विलम्ब होता है. बहुत प्रयास करने पर ही जीवन में सुख आ पाता है. बृहस्पति खराब हो तो विवाह में विलम्ब भी होता है. साथ ही वैवाहिक जीवन में कष्ट भोगना पड़ता है. बृहस्पति दूषित हो तो महिलाओं के चरित्र को कमजोर बना देता है.
विवाह के विलंब को दूर करने के लिए बृहस्पति को कैसे करें मजबूत
नित्य प्रातः सूर्य को हल्दी मिलाकर जल अर्पित करें. प्रातः और सायं यथाशक्ति नमः शिवाय का जप करें. एक सोने या पीतल का छल्ला तर्जनी अंगुली में धारण करें. सप्ताह में एक बार किसी धार्मिक स्थान पर जाकर प्रार्थना करें. पीला पुखराज सोच समझकर धारण करें.
वैवाहिक जीवन को अच्छा करने के लिए कैसे करें बृहस्पति को मजबूत
नित्य प्रातः सूर्य को हल्दी मिलाकर जल अर्पित करें. प्रातः सायं 108 बार गायत्री मंत्र का हल्दी की माला से जप करें. घर में सात्विक माहौल रखें. कम से कम सप्ताह में एक बार घर में संयुक्त पूजा उपासना करें.
क्या बृहस्पतिवार का व्रत रखने से महिलाओं का विवाह हो जाता है जल्दी
बृहस्पति महिलाओं के विवाह का कारक ग्रह है. बृहस्पतिवार का व्रत रखने से कुंडली के बृहस्पति को बल मिलता है. इसलिए बृहस्पतिवार के व्रत से महिलाओं के विवाह में सुविधा होती है.
बृहस्पति को खान पान द्वारा कैसे ठीक करें
सिर्फ सात्विक आहार ही ग्रहण करें. भोजन करने के पहले प्रार्थना अवश्य करें. बेसन और थोड़ा मीठा खाने की आदत डालें. पीले फल और केसर का प्रयोग करें.
बृहस्पति को व्यवहार के द्वारा कैसे ठीक करें
व्यवहार में गंभीरता लाने का प्रयास करें. दूसरों की सहायता जरूर करें. नियमित रूप से पूजा-उपासना करें. कोई स्तुति या मन्त्रों का जप जरूर करें. अपने गुरु से जुड़े रहें. बड़े-बुजुर्गों की सेवा और सहायता जरूर करें.
अन्य किन उपायों से बृहस्पति को मजबूत करें
प्रातःकाल जल्दी उठने का प्रयास करें. नियमित रूप से शिव जी की उपासना करें. मस्तक पर तिलक लगाएं. सप्ताह में एक बार धर्मस्थान पर जरूर जाएं. अपने साथ एक पीला रुमाल रखना आरम्भ कर दें. एक पीतल या सोने का छल्ला धारण करें.