Puja Home: घर का पूजा स्थान हमेशा ही वास्तु के हिसाब से होना चाहिए. माना जाता है कि वास्तु के नियमों का पालन करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और धन की प्राप्ति होती है. घर में दो तरह की ऊर्जा पाई जाती है. एक शुभ और दूसरी अशुभ. घर में शुभ ऊर्जा के संचार के लिए पूजा स्थान का होना आवश्यक है. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि घर में पूजा का स्थान नियत होने से तमाम तरह की समस्या स्वतः ही दूर हो जाती हैं. विशेष रूप से स्वास्थ्य तथा मन की समस्याओं का निवारण शीघ्र होता है. इससे घर में आर्थिक समृद्धि बनी रहती है. घर के लोगों में आपसी तालमेल बना रहता है. मंदिर या पूजा स्थान का पूरा लाभ तभी हो सकता है जब इसकी स्थापना में नियमों का पालन किया जाय. सही तरीके से मंदिर की स्थापना करें. देवी-देवताओं की स्थापना पर ध्यान दें और मंदिर या पूजा स्थल को जागृत रखें.
पूजा स्थान के रंग और स्थान में किन बातों का रखें ध्यान
सामान्य रूप से पूजा घर या मंदिर घर के ईशान कोण में होना चाहिए. अगर ईशान कोण में ऐसा नहीं कर सकते तो कम से कम पूर्व दिशा का प्रयोग कर लें. अगर फ्लैट में हैं तो सिर्फ सूर्य के प्रकाश का ध्यान रखें. पूजा का स्थान नियत होना चाहिए और उसे बार-बार न बदलें. पूजा स्थान का रंग हल्का पीला या श्वेत रखें. गाढ़े रंग से बचें. तिकोना या गुम्बद वाला मंदिर पूजा स्थान पर रखने के बजाय केवल पूजा की एक छोटी सी जगह बना दें.
पूजा स्थान में देवी-देवताओं की स्थापना किस प्रकार करें
मंदिर की आकृति रखने की बजाय पूजा का स्थान बनाएं. इस स्थान पर देवी-देवताओं की भीड़ न लगाएं. जिस देवी या देवता की मुख्य रूप से आप उपासना करते हैं उनके चित्र अथवा मूर्ति की स्थापना एक आसन या चौकी पर करें. अन्य को बगल में स्थापित कर सकते हैं. अगर मूर्ति की स्थापना करनी है तो यह 12 अंगुल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. चित्र कितना भी बड़ा हो सकता है. पूजा स्थान पर शंख, गोमती चक्र और एक पात्र में जल भरकर जरूर रखें.
कैसे करें मंदिर या पूजा स्थान को जागृत
दोनों वेला एक ही समय पूजा उपासना का नियम बनाएं. सायंकाल की पूजा में दीपक जरूर जलाएं. दीपक पूजा स्थान के मध्य में रखें. पूजा के पहले थोड़ा सा कीर्तन या उच्चारण सहित मंत्र जाप पूरे घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है. मंदिर हमेशा साफ-सुथरा रखें. वहां पर एक लोटे में जल भरकर जरूर रखें. आप कोई भी पूजा करते हों, अगर गुरु मंत्र नहीं मिला है तो गायत्री मन्त्र का जाप जरूर करें.
गलती से भी मंदिर में न रखें ये चीजें
मंदिर में हमेशा आपको शुद्ध वस्तु रखनी चाहिए. अपने मंदिर में आप कभी भी नकारात्मक चीजें न रखें. जैसे आपको अपने मंदिर में मृत्यु या युद्ध से जुड़ी कोई चीज नहीं रखनी चाहिए. साथ ही अपने मंदिर में कभी भी खंडित मुर्ति न रखें और नहीं पुराने और सूखे हुए फूल रखें. इससे आपके घर में नकारात्मकता आती है.