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8th Pay Commission: पेंशनर्स की बड़ी मांग, ₹45,000 न्यूनतम पेंशन और पुरानी पेंशन बहाली की उम्मीद

8वें वेतन आयोग में पेंशनर्स ने ₹45,000 न्यूनतम पेंशन की मांग रखी है. साथ ही पुरानी पेंशन योजना और फैमिली पेंशन में बदलाव की मांग भी सामने आई है. आयोग फिलहाल अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर कर्मचारियों और पेंशनर्स की बातें सुन रहा है. फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, भत्ते और पेंशन से जुड़े कई मुद्दों पर सुझाव लिए जा रहे हैं.

8th Pay Commission
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 25 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:36 PM IST

8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के साथ पेंशनर्स की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं. आयोग अलग-अलग जगहों पर कर्मचारियों और पेंशनर्स के संगठनों से बातचीत कर रहा है. इन बैठकों में वेतन, भत्ते और पेंशन से जुड़ी कई मांगें सामने रखी जा रही हैं. इसी बीच पेंशनर्स संगठनों ने न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और पुरानी पेंशन योजना को लेकर अपनी मांग रखी है.

₹45,000 न्यूनतम पेंशन की मांग

पेंशनर्स संगठन भारत पेंशनर्स समाज ने 8वें वेतन आयोग के सामने न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर ₹45,000 प्रति माह करने की मांग रखी है. संगठन का कहना है कि मौजूदा समय में बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्च को देखते हुए पेंशन में सुधार जरूरी है.

इसके अलावा संगठन ने अंतिम वेतन के 67 प्रतिशत के बराबर पेंशन देने की सिफारिश की है. फैमिली पेंशन को अंतिम वेतन के 50 प्रतिशत तक करने की मांग भी रखी गई है. ये सभी अभी मांगें और सिफारिशें हैं. इन पर अंतिम फैसला सरकार और आयोग की प्रक्रिया के बाद ही होगा.

पुरानी पेंशन योजना की भी मांग

8वें वेतन आयोग में पुरानी पेंशन योजना का मुद्दा भी अहम बना हुआ है. 2004 के बाद सेवा में आए कई केंद्रीय कर्मचारियों और उनके संगठनों की ओर से गारंटीड पेंशन की मांग की जा रही है.

कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि बाजार से जुड़े रिटर्न पर आधारित मौजूदा पेंशन व्यवस्था से रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली रकम को लेकर निश्चितता कम रहती है. इसी वजह से कुछ संगठन पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की मांग कर रहे हैं.

कब तक आ सकती है 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

आयोग फिलहाल अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर कर्मचारियों और पेंशनर्स की बातें सुन रहा है. फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, भत्ते और पेंशन से जुड़े कई मुद्दों पर सुझाव लिए जा रहे हैं.

रिपोर्ट के मई-जून 2027 तक केंद्र सरकार को सौंपे जाने की बात कही गई है. इसके बाद सरकार सिफारिशों पर फैसला करेगी. इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि न्यूनतम पेंशन ₹45,000 होगी या OPS बहाल होगी. अंतिम स्थिति आयोग की रिपोर्ट और सरकार के फैसले के बाद ही साफ होगी.

पेंशनर्स के लिए आगे क्या होगा?

फिलहाल पेंशनर्स की नजर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर है. न्यूनतम पेंशन, फैमिली पेंशन और पुरानी पेंशन योजना से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में महत्वपूर्ण रह सकते हैं. अगर इन मांगों पर फैसला होता है, तो इसका असर लाखों पेंशनर्स और कर्मचारियों पर पड़ सकता है. लेकिन अभी सभी आंकड़े और मांगें अंतिम फैसला नहीं हैं.

 

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