Rent Agreement Vs Leave And License Agreement: कहीं 'रेंट एग्रीमेंट' बनवा आपने भी तो नहीं की गलती.. किराएदार दिखाने लगेगा धौंस, खाली करने के नाम पर मिलेगा ठेंगा.. इसलिए सुधार लें अपनी ये मिस्टेक

मकान को देने जा रहे हैं किराए पर, जो जरूर रखें एग्रीमेंट का ध्यान. जानें किस प्रकार का एग्रीमेंट देगा मालिक को ज्यादा फायदा. किन सिचुएशन में रेंट एग्रीमेंट है बेकार.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 जून 2026,
  • अपडेटेड 3:08 PM IST

भारत में अक्सर लोग अपने घर में रूम, फ्लैट या किसी दुकान को किराए पर देते हैं. ऐसा करने से उनके पास एक्स्ट्रा इनकम होने लगती है. लेकिन कानून तौर पर किसी किरायदार को रखने के पहले आपको एग्रीमेंट बनवाना जरूरी होता है. पर कई लोग सोचते हैं कि ऐसा न करने से क्या ही होगा, इसलिए वह एग्रीमेंट नहीं बनवाते. इसका नुकसान लंबे समय में हो सकता है. कई बार किराएदार जबरन मकान पर कब्जा कर लेते हैं और खाली करने से इंकार कर देते हैं. ऐसे में आपको कोर्ट का रुख करना पड़ता है. कोर्ट आपसे कार्यवाही के दौरान एग्रीमेंट की मांग जरूर करता है. इसलिए बेहतर है कि आप एग्रीमेंट को बनवा लें.

बात जब एग्रीमेंट बनवाने की आती है तो लोग अक्सर रेंट एग्रीमेंट बनवाते हैं. लेकिन शायद आप जानते नहीं होंगे कि यह एग्रीमेंट भी थोड़ा आपके हित में न हो. यह एग्रीमेंट मकान मालिक से ज्यादा किराएदार के हित में होता है. इसलिए बेहतर होगा कि आप इससे बेहतर एग्रीमेंट बनवाएं, जिसे 'लीव एंड लाइसेंस' एग्रीमेंट कहा जाता है. अब दोनों में क्या फर्क होता है चलिए आपको बताते हैं.

रेंट एग्रीमेंट का नुकसान?

रेंट एग्रीमेंट एक प्रकार से किराएदार और मकान मालिक के बीच एग्रीमेंट होता है. जो ग्यारह महीने के लिए वैध होता है. लेकिन अगर इस दौरान किराएदार का मन आपके मकान पर आ जाए और वह एग्रीमेंट खत्म होने के बाद मकान खाली न करें, तो यह एग्रीमेंट थोड़ा कमजोर पड़ सकता है. साथ ही इस एग्रीमेंट के तहत किराएदार को मकान से निकालने के लिए आपके उसे नोटिस पीरियड देना पड़ता है. इसके अलावा अगर आपका मन प्रॉपर्टी को बेचने का करता है, तो जबतक रेंट एग्रीमेंट खत्म नहीं होता आप प्रॉपर्टी बेच नहीं पाएंगे, अगर किराएदार ने मकान खाली नहीं किया तो. ऐसे में देखा जाए तो यहां मकान मालिक से ज्यादा फायदा किराएदार को मिल रहा है.

बनाएं लीव एंड लाइसेंस को फर्स्ट चॉइस

रेंट एग्रीमेंट से अलग यह एग्रीमेंट लंबे समय के लिए हो सकता है. इस एग्रीमेंट में किराएदार होने के बाद भी मकान पर मालिकाना हक आपके पास ही रहेगा. अगर कभी मामला कोर्ट तक पहुंचता है, तो यह एग्रीमेंट आपके बहुत काम आएगा. इस एग्रीमेंट के तहत किराएदार को मकान खाली करने के लिए आपको कोई नोटिस भी सर्व नहीं करना पड़ता. आप जब चाहें एग्रीमेंट को टर्मिनेट कर मकान खाली करवा सकते हैं. इसकी वजह है कि यह एग्रीमेंट मकान मालिक को पूरा लीगल पोजेशन देता है. साथ ही अगर कभी भी मकान मालिक प्रॉपर्टी बेचना चाहे तो वह एग्रीमेंट टर्मिनेट कर किराएदार से मकान खाली करवा, प्रॉपर्टी बेच सकता है.  इस तरह का एग्रीमेंट किराएदार से ज्यादा मकान  मालिक को हित रखता है. साथ ही इसे तैयार करवाने में स्टांप ड्यूटी भी कम लगती है.

 

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