देश का आम बजट (Budget) 1 फरवरी 2026 (दिन रविवार) को पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करेंगी. यह स्वतंत्र भारत का 80वां बजट होगा. इस बजट से किसान से लेकर बिजनेसमैन तक, आम आदमी से लेकर नौकरी करने वाले तक, सभी को काफी उम्मीदें हैं. क्या आप जानते हैं देश का पहला बजट कब पेश किया गया था और यह कितने करोड़ रुपए का था? यदि आप नहीं जान रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं.
आपको मालूम हो कि बजट देश का सालाना वित्तीय प्लान है. इसमें सरकार की तरफ से आने वाले वित्त वर्ष के लिए अनुमानित आय और खर्च का पूरा ब्योरा होता है. हर साल बजट को 1 अप्रैल से 31 मार्च की अवधि के लिए तैयार किया जाता है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के मुताबिक बजट सरकार के उस खास साल के अनुमानित रेवेन्यू और खर्च का फाइनेंशियल स्टेटमेंट होता है.
कब पेश किया गया था देश का पहला बजट
आपको मालूम हो कि भारत देश का पहला बजट एक अंग्रेज ने पेश किया था. यह बजट आजादी से पहले अंग्रेजों की गुलामी के दौरान पेश किया गया था. भारत का पहला बजट आजादी से पहले 7 अप्रैल 1860 को जेम्स विल्सन ने पेश किया था. उस समय भारत पर ब्रिटिश राज था. इंडियन काउंसिल के सदस्य जेम्स विल्सन बजट पेश किया था. इस बजट में जेम्स विल्सन ने यह घोषणा कि थी जिन लोगों की वार्षिक आय 200 रुपए से कम है, उन्हें कोई कर यानी टैक्स नहीं देना होगा.
आजादी के बाद इस दिन पेश हुआ था पहला बजट
अपना देश 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से आजाद हुआ था. आजादी के तीन महीने बाद 26 नवंबर 1947 को देश का पहला यूनियन बजट संसद में पेश किया गया था. तत्कालीन वित्त मंत्री आरके शनमुखम चेट्टी ने इस बजट को पेश किया था. आपको मालूम हो कि यह बजट साढ़े सात महीने (15 अगस्त 1947 से 31 मार्च 1948) के लिए ही तैयार किया गया था. इसके बाद अगला बजट 1 अप्रैल 1948 से लागू होना था.
देश के पहले बजट का एक विशेष पहलू था कि पाकिस्तान को अलग देश बनने के बावजूद पहले बजट में यह तय किया गया था कि भारत और पाकिस्तान दोनों सितंबर 1948 तक एक ही करेंसी (मुद्रा) साझा करेंगे. इसके बाद आरके शनमुखम चेट्टी के इस्तीफे के बाद जॉन मथाई ने वित्त मंत्री का पद संभाला और 1949-50 का बजट पेश किया. यह बजट सही मायनों में सभी रियासतों को मिलाकर बनाए गए एक संयुक्त भारत का बजट था.
कितने करोड़ का थाआजाद भारत का पहला बजट
आजाद भारत के पहले बजट कुल राजस्व अनुमान (Revenue Estimate) सिर्फ 171.15 करोड़ रुपए था जबकि सरकार का कुल खर्च 197.29 करोड़ रुपए या ₹197.39 करोड़ आंका गया था. इस तरह से देश का पहला बजट घाटे का बजट था. देश के पहले बजट का राजकोषीय घाटा 24.59 करोड़ रुपए था. अंग्रेजों से आजादी मिलने के तुरंत बाद यह बजट पेश किया गया था. उस समय देश की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा थी. ऐसे बजट का अच्छा-खासा हिस्सा सेना और रक्षा पर खर्च किया गया. भारत के पहले बजट का रक्षा आवंटन 92.74 करोड़ रुपए था, जो कुल खर्च का लगभग 46 से 50% था.