Delhi Onion Rate: चीनी के बाद प्याज की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. राजधानी दिल्ली में तक में प्याज की कीमत में बहुत ज्यादा तेजी आ चुकी है. प्याज की बढ़ती कीमतों को कम करने को लेकर तमाम सरकारी प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन उसका असर बहुत हद तक होता हुआ नजर नहीं आ रहा है क्योंकि लगातार प्याज की कीमतें बढ़ रही हैं. प्याज की कीमतों में इजाफा होने का सिलसिला लगातार जारी है.
खुदरा बाजार में प्याज की कीमत में लगी आग
रविवार को दिल्ली के प्रसिद्ध सब्जी बाजारों में से एक ओखला सब्जी मंडी में प्याज की कीमत प्रति 5 किलो 240 और 250 रुपए नजर आई. इस दौरान प्याज खरीदने आए लोगों ने बताया कि खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 60, 70, 80 रुपए प्रति किलो है जबकि ओखला मंडी में आए हैं तो यहां पर थोड़ा कम कीमत मिल रहा है. ओखला मंडी में 48 से 50 रुपए प्रति किलो प्याज मिल रहा है.
दाम बढ़ने से ग्राहक भी आ रहे कम
ओखला सब्जी मंडी में प्याज बेचने वाले लोगों ने बताया कि यहां प्याज के दाम काफी बढ़ रहे हैं. इसके कारण ग्राहक भी कम आ रहे हैं. हमारा फायदा भी कम हो रहा है क्योंकि माल कम बिक रहा है. सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि प्याज की कीमत में उतार-चढ़ाव लगातार जारी है. रविवार को 240 से 250 रुपए के बीच प्याज की कीमत (प्रति पांच किलो) ओखला मंडी में चल रही है.
अन्य सब्जियों की कीमत में भी बढ़ोतरी
इस दौरान अन्य सब्जियों की बात करें तो टमाटर की रेट 28 से 30 रुपए प्रति किलो मंडी में चल रही है. हरी मिर्ची का रेट डेढ़ सौ रुपए धरी, ₹30 प्रति किलो. धनिया पत्ता की कीमत में इजाफा हुआ है. रविवार को ओखला मंडी में धनिया पत्ता 100 ₹120 प्रति किलो बिकता हुआ नजर आया. बंद गोभी ₹23 किलो, फूल गोभी ₹80 प्रति किलो मंडी में चल रही है. आपको मालूम हो कि आलू, प्याज और टमाटर ऐसी सब्जी हैं, जो रोजाना रसोई में इस्तेमाल होती हैं. ऐसे में प्याज के दाम बढ़ने का असर सीधे रसोई के बजट को बढ़ाने वाला साबित होता है.
सरकार बोली- प्याज की कोई कमी नहीं
प्याज के बढ़े दाम को लेकर सरकार ने पिछले दिनों तस्वीर साफ करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में प्याज उत्पादन लगभग 307.37 LMT रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 307.67 LMT के लगभग बराबर है. देश में प्याज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और ये आने वाले महीनों की घरेलू डिमांड को पूरा कर सकता है. सरकार की ओर से कहा गया है कि अगस्त-सितंबर में आमतौर पर प्याज की कीमतों में मौसमी बढ़ोतरी देखने को मिलती है, जिसके पीछे त्योहारी डिमांड के अलावा मौसम और सप्लाई-चेन परिस्थितियां प्रमुख कारण रहती हैं.