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EPFO PF Money: अब स्टार्टअप्स में लगेगा PF का पैसा? जानें 30 करोड़ कर्मचारियों पर असर... कितना फायदा होगा कर्मचारियों को?

EPFO PF के नए निवेश प्रस्ताव के तहत हर साल नए फंड का 3% तक हिस्सा स्टार्टअप्स और AIF में लगा सकता है. जानिए इससे कर्मचारियों के PF पर क्या असर होगा.

EPFO
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 31 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:21 PM IST

अगर आपकी सैलरी से हर महीने पीएफ कटता है, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है. EPFO अब कर्मचारियों के पीएफ के पैसे को स्टार्टअप्स और दूसरे निवेश फंडों में लगाने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए नए नियम बनाने पर विचार किया जा रहा है. प्रस्ताव के अनुसार, EPFO हर साल मिलने वाले नए पीएफ फंड का 3% तक हिस्सा इन जगहों पर निवेश कर सकता है. अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो करीब 30 करोड़ कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड के निवेश का तरीका बदल सकता है.

पीएफ के पैसे का 3% कहां निवेश होगा?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, EPFO हर साल मिलने वाले नए पैसे का 3% तक हिस्सा अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) में लगा सकता है. इसमें स्टार्टअप्स, छोटे कारोबार, प्राइवेट इक्विटी और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्र शामिल हो सकते हैं.

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह निवेश EPFO के कुल 30 लाख करोड़ रुपये के फंड का 3% नहीं होगा. बल्कि हर साल नए आने वाले पैसे का अधिकतम 3% हिस्सा निवेश करने का प्रस्ताव है.

नवंबर में मिल सकती है प्रस्ताव को मंजूरी

इस प्रस्ताव पर 22 अक्टूबर को EPFO की निवेश समिति की बैठक में चर्चा हुई थी. अब इसे नवंबर 2026 में केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) के सामने रखा जा सकता है. इस बोर्ड की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री करते हैं. फिलहाल इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है.

क्या होते हैं AIF और इसकी कितनी कैटेगरी हैं?

AIF यानी अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड ऐसे फंड होते हैं, जो शेयर और सरकारी बॉन्ड के अलावा दूसरे क्षेत्रों में पैसा लगाते हैं. इसकी दो कैटेगरी में निवेश करने का प्रस्ताव है.

  • कैटेगरी-1 AIF: इस तरह के फंड स्टार्टअप्स, छोटे कारोबार, नई कंपनियों और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट में पैसा लगाते हैं.
  • कैटेगरी-2 AIF: इसमें प्राइवेट इक्विटी, रियल एस्टेट और प्राइवेट डेट जैसे निवेश शामिल होते हैं. इनसे लंबे समय में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है, लेकिन इनमें जोखिम भी होता है.

किन संस्थानों के जरिए निवेश करेगा EPFO?

शुरुआत में EPFO सीधे किसी स्टार्टअप में पैसा लगाने के बजाय कुछ बड़े संस्थानों के जरिए निवेश कर सकता है. इनमें नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) और SIDBI शामिल हैं. सरकार ने अप्रैल 2026 में 10,000 करोड़ रुपये के स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को भी मंजूरी दी थी. इसका मकसद देश के नए कारोबार और स्टार्टअप्स को आर्थिक मदद देना है.

पीएफ के पैसे की सुरक्षा के लिए क्या होंगे नियम?

कर्मचारियों की बचत को सुरक्षित रखने के लिए कुछ शर्तें रखी जा सकती हैं. इसके तहत AIF के पास कम से कम 100 करोड़ रुपये का फंड होना जरूरी हो सकता है. साथ ही, किसी एक फंड में कितना पैसा लगाया जाएगा, इसकी सीमा तय की जा सकती है. विदेश में रजिस्टर्ड कंपनियों में निवेश पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव है.

कर्मचारियों को क्या होगा फायदा और कितना होगा जोखिम?

इस निवेश से EPFO को ज्यादा कमाई के नए मौके मिल सकते हैं. अगर स्टार्टअप्स और दूसरे कारोबार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो इससे भविष्य में पीएफ फंड को बेहतर रिटर्न मिल सकता है. हालांकि, ऐसे निवेश में नुकसान होने का खतरा भी रहता है. इसलिए निवेश से जुड़े नियम और निगरानी काफी अहम होंगे.

फिलहाल यह सिर्फ एक प्रस्ताव है. इसे मंजूरी मिलना बाकी है. इसलिए अभी कर्मचारियों के पीएफ जमा, ब्याज और पैसे निकालने के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. अंतिम फैसला होने के बाद ही साफ होगा कि पीएफ का कितना पैसा और किन क्षेत्रों में लगाया जाएगा.

 

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