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Festive Sale: Flipkart-Amazon से लेकर Meesho-Myntra तक में फेस्टिव सेल... आखिर क्या है यह Online 'खेल'... क्या सच में मिलता है सस्ता सामान?

Online Sale: देश में पर्व-त्योहारों के सीजन की शुरुआत के साथ फ्लिपकार्ट, अमेजन से लेकर मेशो और मंत्रा तक में फेस्टिव सेल चल रही है. क्या आप भी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स से फेस्टिव सीजन के दौरान शॉपिंग करने के बारे में सोच रहे हैं, तो उससे पहले इस खबर को जरूर पढ़ लीजिए. आप जान जाएंगे कि कैसे कंपनियां आपको डिस्काउंट ट्रैप में फंसाती हैं?

Festive Season Sale
मिथिलेश कुमार सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 6:00 AM IST

देश में पर्व-त्योहारों के सीजन की शुरुआत के साथ फ्लिपकार्ट (Flipkart), अमेजन (Amazon) से लेकर मेशो (Meesho) और मंत्रा (Myntra) तक में फेस्टिव सेल (Festive Sale) चल रही है. अमेजॉन की ग्रेट इंडियन फेस्टिवल और फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन डेज सेल चल रही है, जिसमें ग्राहकों को स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, होम अप्लायंसेज तक, हर कैटेगरी में अच्छा डिस्काउंट और डील्स मिल रही हैं.

कहीं 50% का ऑफर मिल रहा होता है तो कहीं 80% की छूट में सामान बेचे जा रहे हैं. अब सवाल उठ रहा है कि आखिर ये कंपनियां इतने सस्ते दामों में सामान कैसे बेच रही हैं. क्या सच में ग्राहकों के लिए यह एक बड़ा फायदा है या इसके पीछे कंपनियों की कोई गहरी चाल छुपी है. आइए जानते हैं Festive Sale का आखिर 'खेल' क्या है? कंपनियां ग्राहकों के दिल और दिमाग से खेलती हैं और ग्राहकों को डिस्काउंट ट्रैप में फंसाती हैं.

डिस्काउंट का खेल... कस्टमर के साथ धोखा!
ई-कॉमर्स कंपनियां कई बार किसी प्रोडक्ट की असली कीमत बढ़ाकर दिखाती है और फिर उस पर भारी डिस्काउंट दे देती है. ऐसे में ग्राहक को लगता है कि इस प्रोडक्ट को खरीदने पर उन्हें काफी फायदा हो रहा जबकि हकीकत में वह प्रोडक्ट उतना सस्ता नहीं होता. ई-कॉमर्स कंपनियां बड़ी चतुराई से आपको ये दिखाती हैं कि वो 50 हजार रुपएवाला फोन 25 हजार में दे रही हैं यानी उस पर 50% का डिस्काउंट है लेकिन सच्चाई कुछ और है. इसे फेक डिस्काउंट कहते हैं. कोई भी प्रोडक्ट सेल पर आने के बाद से ही MRP (Maximum Retail Price) से कम दाम में मिलता है. जैसे यदि किसी स्मार्टफोन की MRP 50 हजार रुपए है तो मुमकिन है वो स्मार्टफोन सेल पर आते ही 45 हजार रुपए का मिल रहा हो. ई-कॉमर्स कंपनियां इसका फायदा उठाती हैं.

फेस्टिव सीजन और सेल का मनोविज्ञान
फेस्टिव सीजन जैसे दीपावली, दशहरा, होली, ईद आदी पर लोग जमकर खरीदारी करते हैं. कंपनियां इस मौके का फायदा उठाते हुए बड़े-बड़े सेल ऑफर लाती हैं. ये कंपनियां बिग बिलियन डेज, फ्लैश सेल, लिमिटेड टाइम ऑफर, ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल आदि के नाम से ग्राहकों को प्रोडक्ट खरीदने के लिए आकर्षित करती हैं.  यह एक मनोवैज्ञानिक तकनीक है, जिससे ग्राहक को लगता है कि कहीं यह खरीदारी का मौका हाथ से निकल न जाए. ऐसे में वे सामान खरीदने के विवश हो जाते हैं. ज्यादातर बार ऐसा होता है कि आपने प्रोडक्ट खरीद लिया और कुछ दिनों बाद भी वो उतने का ही मिल रहा है जितने में आपने लिया था या उससे भी सस्ता.

स्टॉक क्लियरेंस के लिए भारी डिस्काउंट
किसी पुराने प्रोडक्ट का जब नया मॉडल आता है तो कंपनियां पुराने स्टॉक को जल्दी से जल्दी बेचने के लिए भारी डिस्काउंट दे देती हैं. इसे स्टॉक क्लियरेंस कहते हैं. इसके कारण भी ग्राहक खींचे चले आते हैं. भारी डिस्काउंट के चक्कर में खूब खरीदारी करते हैं, भले वह प्रोडक्ट चंद दिनों में ओल्ड फैशन हो जाए.

...तो इसलिए भी कंपनियां देती हैं बंपर छूट
कई बार कंपनियां सिर्फ अपना माल बेचने के लिए ही भारी-भरकम डिस्काउंट नहीं देती हैं बल्कि ग्राहकों को डेटा एकत्र करने के लिए भी ऐसा करती हैं. भार डिस्काउंट के नाम पर लोग अकाउंट बनाते हैं तो कंपनियों को ऐसे लोगों का ई-मेल नंबर और फोन नंबर मिल जाता है. इतना ही नहीं लोगों की शॉपिंग पैटर्न जैसी जानकारी मिल जाती है, जिसे ये कंपनियां आगे मार्केटिंग में यूज करती हैं. 

मार्केटिंग स्ट्रैटेजी
अक्सर कंपनियां भारी-भरकम डिस्काउंट इसलिए देती हैं ताकि ग्राहक उनकी वेबसाइट या ऐप पर आएं. यह एक तरह की मार्केटिंग स्ट्रैटेजी है. जब कोई ग्राहक सेल में जाता है तो सिर्फ डिस्काउंटेड सामान ही नहीं खरीदता बल्कि दूसरे प्रोडक्ट्स भी खरीद लेता है. इस तरह से कंपनी को अच्छा-खासा फायदा होता है.

कम लगता है खर्च 
आपको मालूम हो कि बाजार में दुकानों को दुकान का किराया, दुकान के स्टाफ का वेतन और बिजली-पानी जैसे कई खर्च उठाने पड़ते हैं. उधर, ऑनलाइन कंपनियों को सिर्फ गोदाम और डिलीवरी नेटवर्क मैनेज करना होता है. इस तरह से ऑनलाइन कंपनियों का पैसा कम खर्च होता है. इसी फायदा के चलते वे अपने ग्राहकों को बाजार की दुकानों की तुलना में सस्ते दाम में सामान देते हैं. 

थोक में खरीदारी का फायदा
ई-कॉमर्स कंपनियां सीधे निर्माताओं से बड़ी मात्रा में सामान खरीदती हैं. थोक में माल खरीदने से उन्हें बहुत कम दाम देना पड़ता है. कंपनियों के बीच इस डील में मिडिल मैन या डीलर के न होने से कॉस्ट कम हो जाता है. इसके कारण ई-कॉमर्स कंपनियां बाजार की दुकानों की तुलना में कम दाम पर सामान बेचती हैं, तो भी उन्हें फायदा होता है. 

ऑनालइन सेल फ्रॉड
ऑनलाइन सेल में फ्रॉड भी खूब होते हैं. कई बार फेक वेबसाइट्स के लिंक लोगों को भेजे जाते हैं. इतना ही नहीं ऐसा भी होता है कि जो प्रोडक्ट 50% डिस्काउंट पर ऑनलाइन 40 हजार रुपए का मिल रहा है, वही प्रोडक्ट ऑफलाइन 30 हजार रुपए का मिल रहा होता है.

...तो ऐसे करें खरीदारी 
अब आप समझ गए होंगे कि ई-कॉमर्स कंपनियां कभी पुराने स्टॉक को क्लियर करने तो कभी मार्केटिंग के लिए दाम घटाती हैं और कभी केवल कस्टमर को आकर्षित करने के लिए डिस्काउंट का भ्रम पैदा करती हैं. ऐसे में डिस्काउंट देखकर खरीदारी करने के लिए उत्साहित न हो जाएं बल्कि किसी भी प्रोडक्ट पर बेहतर डील पाने के लिए थोड़ा सा रिसर्च करें. सबसे पहले तीन-चार बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर जा कर उस प्रोडक्ट की कीमत चेक करें और समझें की डिस्काउंट के बाद वो कहां और कितने का मिल रहा है. इसके बाद बाजार में स्थित दुकानों पर उसी प्रोडक्ट का दाम चेक कर लें. कई बार ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स पर भी बंपर डील्स मिलती हैं. अब जहां सस्ता वह सामान मिल रहा है, वहां से उसकी खरीदारी कर लें.

फ्लिपकार्ट पर बिग बिलियन डेज सेल
ई-कॉमर्स शॉपिंग साइट फ्लिपकार्ट पर अभी बिग बिलियन डेज सेल (Flipkart Big Billion Days Sale) चल रहा है. 23 सितंबर 2025 से शुरू हुए इस सेल में स्मार्टफोन से लेकर एसी, स्मार्ट टीवी, लैपटॉप, गैजेट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट पर भारी भरकम छूट मिल रही है. इतना ही नहीं फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज सेल में Axis और ICICI बैंक कार्ड पर 10% तक का डिस्काउंट भी मिल रहा है. इसके अलावा कंपनी एक्सचेंज ऑफर, EMI पर ऑफर, कुछ प्रॉडक्ट्स पर Nno-Cost EMI और Flipkart Pay Later जैसी सुविधाएं भी ग्राहकों को दे रही है. UPI और वॉलेट जैसे अमेजॉन पे और फोन पे से पेमेंट करने पर एक्सट्रा कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट्स मिल रहे हैं. कंपनी के अनुसार बिग बिलियन डेज सेल 2 अक्टूबर को खत्म हो जाएगी. ऐसे में ग्राहक खूब खरीदारी कर रहे हैं.


 

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