आज के समय में घर, फ्लैट, दुकान या ऑफिस जैसी प्रॉपर्टी का बीमा कराना काफी जरूरी हो गया है. किसी भी प्राकृतिक आपदा या दूसरी घटना से प्रॉपर्टी को नुकसान हो सकता है. हालांकि, Residential Property Insurance और Commercial Property Insurance एक जैसे नहीं होते. दोनों पॉलिसी प्रॉपर्टी के इस्तेमाल और उससे जुड़े जोखिम के हिसाब से अलग होती हैं.
रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी बीमा का इस्तेमाल घर, फ्लैट, अपार्टमेंट या रहने की दूसरी जगह के लिए किया जाता है. इस तरह की पॉलिसी में घर की बिल्डिंग के साथ उसमें रखे जरूरी सामान को भी कवर किया जा सकता है. पॉलिसी के नियमों के अनुसार आग, विस्फोट, बिजली गिरने, भूकंप, बाढ़ और तूफान जैसी घटनाओं से होने वाले नुकसान का कवर मिल सकता है.
घर में रखे फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, एयर कंडीशनर और दूसरे घरेलू सामान को भी कुछ पॉलिसियों में सुरक्षा मिलती है. हालांकि, हर नुकसान और हर सामान अपने आप बीमा में शामिल नहीं होता. इसलिए पॉलिसी लेने से पहले उसके नियम जरूर पढ़ने चाहिए.
कमर्शियल प्रॉपर्टी बीमा कारोबार के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रॉपर्टी के लिए होता है. इसमें दुकान, ऑफिस, गोदाम या दूसरी कमर्शियल जगह शामिल हो सकती है. ऐसी जगहों पर केवल बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि मशीन, स्टॉक और कारोबार से जुड़ा दूसरा सामान भी मौजूद होता है.
इसी वजह से कमर्शियल इंश्योरेंस में कारोबार से जुड़ी चीजों को ध्यान में रखकर कवर दिया जाता है. कुछ पॉलिसियों में बिजनेस इटरप्शन कवर का ऑप्शन भी मिल सकता है. इसके तहत किसी बीमित घटना के कारण कारोबार रुकने से होने वाले नुकसान के लिए सुरक्षा मिल सकती है.
अगर घर का इस्तेमाल केवल रहने के लिए नहीं, बल्कि कारोबार के लिए भी किया जा रहा है, तो नॉर्मल होम इंश्योरेंस हर स्थिति में काफी नहीं हो सकता. खासकर अगर घर में कर्मचारियों या दूसरे लोगों को रखकर कारोबार किया जा रहा है, तो अलग कमर्शियल इंश्योरेंस की जरूरत पड़ सकती है.
प्रॉपर्टी बीमा लेने से पहले यह जरूर देखें कि प्रॉपर्टी का इस्तेमाल किस काम के लिए हो रहा है. साथ ही यह भी जांचें कि बिल्डिंग, सामान, स्टॉक या मशीनरी में से क्या-क्या कवर है और किन घटनाओं पर बीमा मिलेगा. सही पॉलिसी चुनने से नुकसान की स्थिति में आर्थिक परेशानी कम हो सकती है.