लोन लेते समय क्या आपके पार्टनर का क्रेडिट स्कोर भी डालता है असर? क्या जॉइंट अकाउंट का मिलता है फायदा?

यदि दोनों पार्टनर का खाता अलग-अलग है, तो लोन लेते समय किसी प्रकार का कोई फर्क नहीं पड़ता. लेकिन अगर वह कोई जॉइंट खाता या ज्वाइंट क्रेडिट कार्ड शेयर करते हैं, तो लोन लेते समय दोनों का क्रेडिट स्कोर जोड़ा जाता है.

Joint Credit Score
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 01 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:44 PM IST

जब आप क्रेडिट कार्ड, होम लोन, मॉर्गेज या पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो आपका क्रेडिट प्रोफाइल सबसे अहम भूमिका निभाता है. क्रेडिट स्कोर एक तीन अंकों की संख्या होती है, जो आमतौर पर 300 से 850 के बीच होती है. यह आपके पिछले वित्तीय व्यवहार के आधार पर तय होती है और यह बताती है कि आप कर्ज चुकाने में कितने भरोसेमंद हैं. समय पर EMI, बिल, क्रेडिट कार्ड भुगतान और अन्य वित्तीय जिम्मेदारियों को निभाकर आप अपने स्कोर को धीरे-धीरे बेहतर बना सकते हैं. आमतौर पर सही वित्तीय अनुशासन अपनाने पर 6 महीने से 1 साल में सुधार देखा जा सकता है.

शादी के बाद भी पति-पत्नी के क्रेडिट स्कोर अलग-अलग ही रहते हैं. यानी केवल विवाह होने से आपके साथी का खराब या अच्छा क्रेडिट स्कोर आपके स्कोर को सीधे प्रभावित नहीं करता. लेकिन जैसे ही आप दोनों किसी जॉइंट वित्तीय जिम्मेदारी में शामिल होते हैं, जैसे जॉइंट लोन, को-एप्लिकेंट या साझा क्रेडिट कार्ड—तब स्थिति बदल जाती है. ऐसी स्थिति में उस खाते की जानकारी दोनों की क्रेडिट रिपोर्ट में दिखाई देती है.

जॉइंट अकाउंट और लोन का प्रभाव
यदि आप अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर कोई लोन लेते हैं या क्रेडिट कार्ड साझा करते हैं, तो उसकी जिम्मेदारी दोनों पर बराबर होती है. समय पर भुगतान करने से दोनों का क्रेडिट स्कोर मजबूत होता है, वहीं देरी या चूक होने पर दोनों के स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है. इसलिए यह जरूरी है कि जॉइंट वित्तीय फैसले सोच-समझकर लिए जाएं, क्योंकि इसमें दोनों की साख दांव पर होती है.

मजबूत क्रेडिट स्कोर बनाए रखने के उपाय
विवाह के बाद मजबूत क्रेडिट स्कोर बनाए रखने के लिए जरूरी है कि दोनों पार्टनर अपनी वित्तीय स्थिति को लेकर पारदर्शी रहें. एक-दूसरे की आय, खर्च, बचत और कर्ज की स्पष्ट समझ होना बेहद जरूरी है. साझा खातों और लोन की समय पर अदायगी को प्राथमिकता दें, ताकि भविष्य में किसी तरह की वित्तीय परेशानी न आए. साथ ही, अनावश्यक खर्चों को सीमित रखें और कर्ज का बोझ बढ़ने से बचें.

एक स्वस्थ और मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल सही योजना, अनुशासन और आपसी समझ से ही बनता है. यदि आप अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर जिम्मेदारी से वित्तीय निर्णय लेते हैं, तो न केवल आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर होगा बल्कि आपका भविष्य भी सुरक्षित और स्थिर रहेगा.

 

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