Rule Change From 1st May 2026
Rule Change From 1st May 2026
New Rules: हर महीने की पहली तारीख को कई नियमों में बदलाव होता है. 1 मई 2026 से भी वित्तीय और गैर-वित्तीय सेवाएं से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव होने वाला है. ये बदलाव आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी और फाइनेंशियल लेन-देन पर सीधे तौर से असर डालेंगे. इन बदलावों में कार्ड अपडेट, यूपीआई, एटीएम, एलपीजी गैस से लेकर एफडी ब्याज तक शामिल हैं. 1 मई 2026 से श्रम कानून लागू होने वाले हैं.
1. LPG सिलेंडर के दाम में बदलाव
इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस जैसी तेल कंपनियां 1 मई से नए नियम लागू करने की तैयारी में हैं. गैस बुकिंग से जुड़े कई सारे बदलाव लागू हो सकते हैं. इन नियमों के तहत OTP आधारित डिलीवरी अनिवार्य होगी और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए eKYC जरूरी किया गया है. इसके अलावा ग्लोबल टेंशन के कारण LPG कीमतों में बढ़ोतरी के बाद मई से फिर बदलाव की संभावना है. बीते अप्रैल महीने में 14 किलोग्राम वाले घरेलू और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किया गया था. कंपनियां सिलेंडर बुकिंग का लॉकइन पीरियड में चेंज कर सकती है.
2. ATF और CNG-PNG के रेट में बदलाव
तेल कंपनियां 1 मई से एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी हवाई जहाज के ईंधन के दाम भी बदल सकती है. इसका सीधा असर हवाई यात्रा की कीमतों पर पड़ सकता है. अप्रैल की शुरुआत में इसकी कीमत दोगुनी कर दी गई थी, हालांकि बाद में बढ़े हुए भाव वापस ले लिए गए हैं. इसके साथ ही CNG और PNG की कीमतों में भी संशोधन हो सकता है.
3. UPI और डिजिटल ट्रांजैक्शन पर अपडेट
1 मई से UPI के जरिए होने वाले कुछ खास ट्रांजैक्शन या वॉलेट लोड करने की सीमाओं में बदलाव हो सकता है. फिनटेक कंपनियां अपनी सुरक्षा प्रणालियों को और सख्त करने जा रही हैं, जिससे ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम कसी जा सके. UPI लेन-देन में टू-स्टेप वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया जा सकता है. पिन के अलावा बायोमेट्रिक या हार्डवेयर टोकन जैसे अतिरिक्त वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ सकती है. कुछ बैंक डिजिटल भुगतान पर लगने वाले शुल्क की संरचना में भी मामूली फेरबदल कर सकते हैं।
4. क्रेडिट कार्ड के नियम
मई महीने से कई बैंक अपने सर्विस चार्ज और क्रेडिट कार्ड के नियमों में संशोधन कर रहे हैं. इसमें यूटिलिटी बिल पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स कम हो सकते हैं और किराए के भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज लग सकता है. SBI Card की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक लेट पेमेंट चार्ज से लेकर एनुअल फीस तक को लेकर चेंज का ऐलान किया गया है. अगले महीने की पहली तारीख से 100 रुपए से ज्यादा और 500 रुपए तक के बकाया अमाउंट के लिए लेट पेमेंट चार्ज को बदलकर 100 रुपए कर दिया जाएगा. 500 रुपए से ज्यादा और 1000 रुपए तक की बकाया राशि के लिए ये शुल्क 500 रुपए कर दिया जाएगा. अन्य चार्ज जस के तस रहेंगे. BPCL SBI Credit Card के लिए लागू 499 रुपए की एनुअल फीस को अब 1 लाख रुपए के सालाना खर्च पर वापस किया जाएगा, जो अभी 50000 रुपए है.
5. ऑनलाइन गेमिंग के नियम
सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए नए नियम लागू किए हैं, जो 1 मई 2026 से लागू होने जा रहे हैं. अब ऑनलाइन गेम्स को तीन हिस्सों में बांटा जाएगा जिनमें मनी गेम्स, सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स शामिल हैं. खासकर पैसे से जुड़े गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा और यूजर्स के लेनदेन पर नजर रखी जाएगी.
6. ATM से कैश निकालना अब महंगा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ATM इंटरचेंज फीस बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. अब फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट खत्म होने के बाद हर बार कैश निकालने पर 23 रुपए देने होंगे, जो पहले 21 रुपए था. फ्री लिमिट की बात करें तो अपने बैंक के ATM पर हर महीने 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं. दूसरे बैंक के ATM पर मेट्रो शहरों में 3 और नॉन-मेट्रो में 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं. इसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर चार्ज देना होगा.
7. शेयर बाजार और ट्रेडिंग सेटलमेंट
1 मई से सेबी के निर्देशानुसार ट्रेडिंग अकाउंट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और सख्त किया जाएगा. इसके अलावा शेयर बाजार में ट्रांजैक्शन के सेटलमेंट समय और म्यूचुअल फंड के रिडेम्पशन नियमों में भी कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
8. जीएसटी
1 मई से जीएसटी पोर्टल पर कुछ तकनीकी बदलाव और ई-चालान (e-invoice) से जुड़े नए प्रावधान अनिवार्य हो सकते हैं. छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए रिपोर्टिंग के नियमों को थोड़ा और डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है. इन बदलावों का असर आने वाले समय में वस्तुओं की थोक और खुदरा कीमतों पर भी पड़ सकता है.
9. बीमा प्रीमियम होगा ऑटो-डेबिट
सरकारी बीमा योजनाओं का सालाना प्रीमियम अब सीधे बैंक खाते से कट जाएगा. 1 मई के बाद से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के लिए 436 रुपए और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के लिए 20 रुपए हर साल अपने आप डेबिट किए जा सकते हैं.
10. श्रम कानून
उत्तर प्रदेश में 1 मई से 4 नए श्रम कानून लागू किए जाने वाले हैं. इन नियमों के तहत सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव संभव है. साथ ही PF में योगदान और काम के घंटों को लेकर भी नए प्रावधान आ सकते हैं. धीरे-धीरे ऐसे बदलाव अन्य राज्यों में भी लागू किए जा सकते हैं.