बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराना पैसे बचाने और उस पर ब्याज कमाने का एक आसान तरीका है. लेकिन कई बार लोग FD की मैच्योरिटी तारीख भूल जाते हैं या किसी कारण से समय पर पैसे नहीं निकाल पाते. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बैंक में जमा पैसा डूब जाएगा? क्या FD अपने आप रिन्यू हो जाएगी और मैच्योरिटी के बाद कितना ब्याज मिलेगा? आइए जानते हैं FD से जुड़े जरूरी नियम.
FD मैच्योर होने के बाद क्या होता है?
जब FD की तय अवधि पूरी हो जाती है, तो बैंक आपके पैसे का भुगतान आपके खाते में कर सकता है या पहले से दिए गए निर्देशों के अनुसार FD को रिन्यू कर सकता है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि FD खोलते समय आपने बैंक को क्या निर्देश दिए थे.
अगर आपने पैसे निकालने का विकल्प चुना था, तो मैच्योरिटी की रकम आपके लिंक बैंक खाते में जमा की जा सकती है. वहीं, अगर ऑटोमैटिक रिन्यूअल की सुविधा चुनी गई है, तो बैंक अपने नियमों के अनुसार FD को आगे बढ़ा सकता है.
मैच्योरिटी के बाद कितना मिलेगा ब्याज?
अगर FD की अवधि पूरी होने के बाद भी पैसा बैंक में पड़ा रहता है और उसका भुगतान नहीं हुआ है, तो उस रकम पर पहले वाली FD की ब्याज दर मिलना जरूरी नहीं है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, ऐसी जमा रकम पर बचत खाते की लागू ब्याज दर या मैच्योर हो चुकी FD की तय ब्याज दर, दोनों में से जो कम हो, उसके हिसाब से ब्याज दिया जाता है. इसलिए FD की मैच्योरिटी तारीख निकलने के बाद पैसे की स्थिति जरूर जांचें.
क्या FD अपने आप रिन्यू हो जाती है?
हर FD अपने आप रिन्यू नहीं होती. यह बैंक में जमा किए गए निर्देशों और FD की शर्तों पर निर्भर करता है. अगर FD रिन्यू होती है, तो नई अवधि के लिए बैंक की उस समय लागू ब्याज दर मिल सकती है. जरूरी नहीं कि आपको पुरानी FD वाली ब्याज दर ही मिले. इसलिए FD की अवधि पूरी होने पर बैंक से पता करें कि आपकी रकम खाते में जमा हुई है या FD को दोबारा शुरू किया गया है.
10 साल तक पैसा नहीं निकाला तो क्या होगा?
अगर FD की मैच्योरिटी के बाद रकम 10 साल या उससे ज्यादा समय तक बिना दावे के पड़ी रहती है, तो उसे लावारिस जमा माना जा सकता है. RBI के नियमों के अनुसार, ऐसी रकम बैंक द्वारा जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष (DEA Fund) में ट्रांसफर की जाती है.
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आपका पैसा खत्म हो गया. जमाकर्ता या उसके योग्य उत्तराधिकारी जरूरी दस्तावेज देकर बैंक के माध्यम से रकम पर दावा कर सकते हैं.
FD रिन्यू कराएं या पैसे निकालें?
अगर आपको आने वाले समय में पैसों की जरूरत नहीं है, तो FD रिन्यू कराना एक विकल्प हो सकता है. लेकिन रिन्यू करने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करें. साथ ही FD की अवधि और समय से पहले पैसे निकालने पर लगने वाले शुल्क की जानकारी भी लें. अगर आपको जल्द पैसों की जरूरत पड़ सकती है, तो पूरी रकम को लंबी अवधि की FD में जमा करने के बजाय बचत खाते में कुछ पैसा रखना बेहतर हो सकता है.