भारत में सोने की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है. शादियों का सीजन हो या निवेश हर भारतीय की पहली पसंद गोल्ड बनती जा रही है. बढ़ती महंगाई के खिलाफ सोना हमेशा से मजबूत ढाल रहा है.उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि घर में शादी हो या फिर कोई दूसरा इवेंट सोना खरीदने की योजना को अभी टाल दें. उन्होंने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का हवाला देते हुए इस अपील को विदेशी मुद्रा बचाने के लिए जरूरी करार दिया है. ऐसे में आइए जानते हैं भारत किस देश से कितना सोना खरीदता है, इंडिया के पास कितनी पीली धातु है और आरबीआई क्यों विदेश में अधिक गोल्ड रखता है?
सबसे अधिक गोल्ड रिजर्व रखने वाले ये हैं 10 देश
1. अमेरिका: दुनिया के देशों में सबसे अधिक गोल्ड रिजर्व के मामले में पहले स्थान पर अमेरिका है. अमेरिका के पास करीब 8133.50 टन सोना है. यूएस का अधिकतर सोना फोर्ट नॉक्स की तिजोरियों में बंद है.
2. जर्मनी: दुनिया के देशों में सबसे अधिक गोल्ड रिजर्व के मामले में दूसरे स्थान पर जर्मनी है. जर्मनी के पास गोल्ड रिजर्व लगभग 3351.5 टन है. आपको मालूम हो कि जर्मनी अपना बहुत सा सोना पहले अमेरिका में रखा था, लेकिन हाल के सालों में वे इसे वापस अपने देश लेकर आया है.
3. इटली: दुनिया के देशों में सबसे अधिक गोल्ड रिजर्व के मामले में तीसरे स्थान पर इटली है. इटली के पास गोल्ड रिजर्व लगभग 2452 टन है.
4. फ्रांस: दुनिया के देशों में सबसे अधिक गोल्ड रिजर्व के मामले में चौथे स्थान पर फ्रांस है. इस देश के पास गोल्ड रिजर्व करीब 2437 टन है. आपको मालूम हो कि फ्रांस ने पिछले कई सालों से अपना सोना न तो बेचा है और न ही नया खरीदा है. वह सोना को सिर्फ सुरक्षा कवच की तरह रखे हुए है.
5. रूस: दुनिया के देशों में सबसे अधिक गोल्ड रिजर्व के मामले में पांचवें स्थान पर रूस है. इस देश के पास गोल्ड रिजर्व करीब 2333 टन है. रूस के पास अपनी खदानें भी हैं.
6. चीन: दुनिया के देशों में सबसे अधिक गोल्ड रिजर्व के मामले में छठवें स्थान पर चीन है. इस देश के पास गोल्ड रिजर्व करीब 2303.50 टन है. सोना को खरीदने के मामले में चीन टॉप पर है. डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए चीन हर रोज सोना जमा कर रहा है.
7. स्विट्जरलैंड: दुनिया के देशों में सबसे अधिक गोल्ड रिजर्व के मामले में सातवें स्थान पर स्विट्जरलैंड है. इस देश के पास गोल्ड रिजर्व करीब 1039.90 टन है. इस देश की आबादी के हिसाब से प्रति व्यक्ति सोने का भंडार दुनिया में सबसे ज्यादा है.
8. भारत: दुनिया के देशों में सबसे अधिक गोल्ड रिजर्व के मामले में आठवें स्थान पर भारत है. इंडिया के पास गोल्ड रिजर्व करीब 880.13 टन है. RBI लगातार सोना खरीद रहा है. भारत हर साल करीब 750 टन सोना आयात करता है.
9. जापान: दुनिया के देशों में सबसे अधिक गोल्ड रिजर्व के मामले में नौवें स्थान पर जापान है. इस देश के पास गोल्ड रिजर्व करीब 846 टन है. जापान अपना गोल्ड रिजर्व धीरे-धीरे बढ़ा रहा है ताकि आर्थिक झटकों से बचा जा सके.
10. तुर्की: दुनिया के देशों में सबसे अधिक गोल्ड रिजर्व के मामले में 10वें स्थान पर तुर्की है. इस देश के पास गोल्ड रिजर्व लगभग 612 टन है. आपको मालूम हो कि नीदरलैंड के पास भी लगभग तुर्की जितना ही सोना रिजर्व है.
भारत किस देश से कितना खरीदता है सोना
भारत सबसे अधिक स्विट्जरलैंड से सोना खरीदता है. भारत ने साल 2024 में स्विट्जरलैंड से 19.6 बिलियन डॉलर का सोना खरीदा था. इसके बाद भारत संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई से सोना खरीदता है. तीसरे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका है, जिससे भारत सोना खरीदता है. भारत ने साल 2024 में दक्षिण अफ्रीका से 6.35 बिलियन डॉलर का सोना खरीदा था. इसके बाद भारत ऑस्ट्रेलिया से सोना खरीदता है. भारत जिन देशों से सोना खरीदता है, उनमें पांचवें स्थान पर पेरू है.
आरबीआई क्यों विदेश में रखता है अधिक गोल्ड
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले कुछ सालों से सोने की खरीद बढ़ाई है. वित्त वर्ष 2023-24 में रिजर्व बैंक के गोल्ड रिजर्व में लगभग 27.47 टन की बढ़ोतरी हुई थी. आरबीआई पिछले दो सालों में 100 टन से अधिक गोल्ड खरीद चुका है. आपको मालूम हो कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अपने पूरे गोल्ड रिजर्व को सिर्फ भारत में नहीं रखता है बल्कि वह देश के कुल स्वर्ण भंडार का बड़ा हिस्सा विदेशों में सुरक्षित रखता है. भारत का काफी सोना इंग्लैंड की राजधानी लंदन में मौजूद बैंक ऑफ इंग्लैंड में रखा गया है. आरबीआई ने कुछ सोना स्विट्जरलैंड स्थित बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के पास भी सुरक्षित रखा है.
आंकड़ों के मुताबिक जहां लगभग 296 टन सोना भारत में रखा गया है तो वहीं 410 टन से ज्यादा सोना विदेशी बैंक में जमा है. इसमें सबसे ज्यादा सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड में रखा गया है. भारत के अंदर आरबीआई अपना गोल्ड मुंबई के मिंट रोड स्थित रिजर्व बैंक भवन और नागपुर की विशेष तिजोरियों में सुरक्षित रखता है. अब सवाल उठता है कि आखिर आरबीआई विदेश में अधिक सोना क्यों रखता है. विदेश में सोना रखने के वैसे तो कई कारण है लेकिन सबसे बड़ी वजह सुरक्षा और वैश्विक वित्तीय जरूरतें हैं. आपको मालूम हो कि बड़ी मात्रा में सोने की खरीदारी कर भारत लाना आसान काम नहीं है. इसके लिए विशेष परिवहन, सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स की जरूरत पड़ती है. इन सभी पर भारी खर्च आता है. इसके अलावा कभी आर्थिक संकट के दौरान सोने को गिरवी रखने या अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में सोना के इस्तेमाल करने की जरूरत पड़े तो विदेशों में रखा गोल्ड तुरंत उपयोग किया जा सकता है. इस वजह से दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अपना गोल्ड रिजर्व लंदन जैसे वित्तीय केंद्रों में रखते हैं.