Gold, copper silver Price Today
Gold, copper silver Price Today
भारत में सोना और चांदी की कीमतों में गुरुवार, 14 मई को गिरावट दर्ज की गई. एक दिन पहले भारी तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे दोनों कीमती धातुओं के दाम नीचे आ गए. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत 1.9% गिरकर 2,94,450 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई. वहीं सोना 0.7% टूटकर 1,61,027 प्रति 10 ग्राम पर आ गया.
इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में सोना और चांदी में 6% से ज्यादा की तेजी देखी गई थी. इसकी बड़ी वजह केंद्र सरकार का सोना और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% करना रहा. सरकार का उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना और रुपये को मजबूत बनाए रखना है.
सरकार के फैसले से बाजार में हलचल
सरकार द्वारा आयात शुल्क बढ़ाने के बाद घरेलू बाजार में कीमती धातुओं के दाम तेजी से बढ़े थे. हालांकि गुरुवार को निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे कीमतों में गिरावट आ गई. सरकार यह कदम बुलियन के आयात को रोकने के लिए उठा रही है. वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में सोना और चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
वैश्विक बाजार में भी सोना और चांदी की चाल कमजोर रही. निवेशकों की नजर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच चल रही उच्चस्तरीय बातचीत पर बनी हुई है. इसके अलावा ईरान से तनाव भी बाजार की दिशा तय कर रहे हैं.
स्पॉट सिल्वर 0.9% गिरकर 87.18 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. वहीं स्पॉट गोल्ड लगभग स्थिर रहा और 4,688.43 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा. अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स जून डिलीवरी के लिए 0.2% गिरकर 4,695 डॉलर पर आ गया. दूसरी ओर प्लैटिनम 0.4% और पैलेडियम 0.3% कमजोर हुआ.
MCX पर सुबह के कारोबार में क्या रहे भाव?
गुरुवार सुबह करीब 9:10 बजे MCX पर जून वायदा सोना 0.18% गिरकर 1,61,897 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. वहीं जुलाई वायदा चांदी 1.07% कमजोर होकर 2,97,027 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई.
कॉपर भी ऊंचे स्तर पर
14 मई 2026 को भारत में कॉपर की कीमतें भी मजबूत बनी हुई हैं. MCX पर 29 मई वायदा कॉन्ट्रैक्ट 1,397 से 1,400 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच कारोबार कर रहा है. वहीं स्पॉट मार्केट में कॉपर के दाम करीब 850-860 रुपये प्रति किलोग्राम हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक मांग और डॉलर की चाल कॉपर की कीमतों को प्रभावित कर रही है.
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