भारतीय शादियां केवल रस्मों का मेल नहीं होतीं, बल्कि यह एक ऐसा समय होता है जिसमें रिश्तेदार और दोस्त खुलकर गिफ्ट और शगुन देते हैं. अक्सर यह माना जाता है कि शादी में मिला हर गिफ्ट पूरी तरह टैक्स फ्री होता है, लेकिन इनकम टैक्स कानून इस मामले में कुछ खास शर्तें लागू करता है. इसलिए जरूरी है कि शादी से जुड़े गिफ्ट्स के टैक्स नियमों को ठीक से समझा जाए, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो.
शादी के मौके पर गिफ्ट को लेकर क्या कहता हैं नियम
आयकर अधिनियम के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को एक फाइनेंशियल ईयर में ₹50,000 से अधिक के उपहार मिलते हैं, तो वह टैक्स के दायरे में आ सकता है. लेकिन, शादी के अवसर पर दूल्हा और दुल्हन को मिलने वाले उपहारों को खास छूट दी गई है. यानी विवाह समारोह के दौरान मिलने वाले गिफ्ट, चाहे उनकी कीमत कितनी भी हो, पूरी तरह टैक्स फ्री होते हैं. लेकिन यह छूट केवल उसी समय सीमा तक सीमित होती है.
रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट को लेकर स्थिति
करीबी रिश्तेदारों से मिलने वाले उपहारों पर कोई टैक्स नहीं लगता. इसमें माता-पिता, भाई-बहन, जीवनसाथी के रिश्तेदार और दादा-दादी जैसे परिवार के सदस्य शामिल होते हैं. ये उपहार कैश, सोना या संपत्ति किसी भी रूप में हो सकते हैं और उन पर कोई सीमा लागू नहीं होती.
दोस्तों और परिचितों के गिफ्ट पर ध्यान दें
दोस्तों या दूर के रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट पर नियम थोड़े अलग हैं. यदि ये गिफ्ट शादी के दिन या समारोह के आसपास मिले हैं, तो वे टैक्स फ्री होंगे. लेकिन यदि शादी के बाद, जैसे एक महीने बाद, कोई महंगा उपहार मिलता है, तो वह टैक्स के दायरे में आ सकता है.
कैश और ज्वेलरी को लेकर क्या रखें ध्यान
शादी के मौके पर मिला कैश पूरी तरह टैक्स फ्री होता है, लेकिन यदि राशि बहुत बड़ी है, तो उसका रिकॉर्ड रखना जरूरी है. वहीं, सोना और अन्य ज्वेलरी भी टैक्स से मुक्त होती है, लेकिन यदि भविष्य में उसे बेचा जाता है, तो उस पर कैपिटल गेन्स टैक्स लागू हो सकता है.
सही डॉक्यूमेंटेशन है सबसे जरूरी
टैक्स से जुड़ी किसी भी परेशानी से बचने के लिए सही दस्तावेज रखना बेहद जरूरी है. शादी में मिले महंगे उपहारों की सूची बनाएं और यदि कोई बड़ी संपत्ति या रकम गिफ्ट में मिल रही है, तो उसका गिफ्ट डीड तैयार करवाएं. साथ ही, शादी के कार्ड और तस्वीरों को सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर यह साबित किया जा सके कि उपहार वास्तव में शादी के अवसर पर ही मिले थे.