आज के समय में लोन लेना काफी आसान हो गया है. घर, कार, पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड की वजह से कई लोगों पर हर महीने EMI का बोझ रहता है. कई बार सैलरी आते ही ईएमआई और दूसरे बिलों में चली जाती है. इसके बाद सेविंग के लिए बहुत कम पैसा बचता है.
अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो आपको मनी प्लानिंग पर ध्यान देना जरूरी है. कुछ आसान तरीकों से आप अपने खर्च को कंट्रोल कर सकते हैं. जिससे कर्ज का बोझ भी धीरे-धीरे कम किया जा सकता है.
हर महीने आपकी सैलरी कहां खर्च हो रही है, इसका हिसाब रखें. गैर जरूरी शॉपिंग, बाहर का खाना और दूसरी छोटी-छोटी चीजों पर होने वाले खर्च को देखें. जो खर्च जरूरी नहीं हैं, उन्हें कम करें.
बचा हुआ पैसा लोन की EMI चुकाने में इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे कर्ज को जल्दी कम करने में काफी मदद मिल सकती है.
अगर आपके ऊपर कई तरह के लोन हैं, तो सबसे ज्यादा ब्याज वाले कर्ज को पहले खत्म करने की कोशिश करें. क्रेडिट कार्ड का बकाया अक्सर महंगा पड़ सकता है. इसलिए ऐसे कर्ज को ज्यादा समय तक चलाने से बचें.
अचानक नौकरी जाने या किसी बड़े खर्च की जरूरत पड़ने पर Emergency Fund काफी काम आता है. कोशिश करें कि आपके पास कम से कम 3 से 6 महीने के जरूरी खर्च जितनी रकम हो. इससे अचानक पैसे की जरूरत पड़ने पर नया लोन लेने की जरूरत कम हो सकती है.
EMI की तारीख को अपनी Salary आने के समय के हिसाब से रखना मददगार हो सकता है. इससे महीने की शुरुआत में ही EMI के लिए पैसा अलग किया जा सकता है.
साथ ही अपनी कुल EMI को ध्यान में रखकर ही नया Loan लें. जरूरत से ज्यादा कर्ज लेने से बचना जरूरी है. पहले से एक लोन चल रहा है तो बिना जरूरत दूसरा लोन लेने से बचें. हर नए कर्ज के साथ आपकी मंथली ईएमआई बढ़ सकती है. इससे सेविंग करना मुश्किल हो जाता है.