अपना घर खरीदना तो हर किसी का सपना होता है. लेकिन घर खरीदने के लिए लिया गया होम लोन चुकाने में सालों लग जाते हैं. हर महीने ईएमआई भरना एक बोझ बन जाता है. साथ ही अगर ब्याज दर बढ़ जाए, तो परेशानी और बढ़ जाती है. ऐसे में कुछ आसान टिप्स को अपनाकर आप होम लोन के ब्याज से बचा जा सकता है. जिससे कर्ज को जल्दी खत्म कर सकते हैं.
अगर आपकी आमदनी बढ़ गई है, तो आप हर महीने भरी जाने वाली ईएमआई भी थोड़ी बढ़ा सकते हैं. इससे लोन की रकम जल्दी कम होगी और आपको कम ब्याज देना पड़ेगा. जैसे 50 लाख रुपये के होम लोन पर ईएमआई में हर महीने 5,000 रुपये की बढ़ोतरी करने से ब्याज में बड़ी बचत हो सकती है.
अगर आपको बोनस, टैक्स रिफंड या किसी दूसरे तरीके से पैसे मिलते हैं, तो उनका कुछ हिस्सा होम लोन चुकाने में लगा सकते हैं. इसे प्रीपेमेंट कहते हैं. इससे लोन की बाकी रकम कम हो जाती है और आगे लगने वाला ब्याज भी घटता है. प्रीपेमेंट करते समय बैंक से लोन की अवधि भी कम करने का ऑप्शन चुनें.
अगर आपका बजट इतना है कि आप साल में एक एक्स्ट्रा ईएमआई भर सकते हैं. तो इसे जरूर जमा करें. इससे लोन की रकम जल्दी कम होती है. लंबे समय में इससे ब्याज की बचत हो सकती है और कर्ज तय समय से पहले खत्म हो सकता है.
अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है और आप समय पर ईएमआई भरते हैं, तो अपने बैंक से कम ब्याज दर देने की मांग कर सकते हैं. आप दूसरे बैंकों की होम लोन दरों की तुलना भी कर सकते हैं.
अगर कोई दूसरा बैंक कम दर पर लोन देने को तैयार है, तो लोन ट्रांसफर करने पर सोचा जा सकता है. लेकिन ऐसा करने पर कुछ फीस और चार्ज जरूर लगते हैं.
अगर ब्याज दर बढ़ने पर बैंक आपको ईएमआई बढ़ाने या लोन की अवधि बढ़ाने का ऑप्शन देता है, तो अपनी स्थिति देखकर फैसला करें. ईएमआई बढ़ाने से मासिक खर्च बढ़ेगा, लेकिन लोन की अवधि बढ़ाने से कुल ब्याज ज्यादा हो सकता है. अगर आपकी आमदनी ज्यादा है, तो ईएमआई बढ़ाना बेहतर ऑप्शन हो सकता है.