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महीने के आखिरी में खाली हो जाता है बैंक अकाउंट? सैलरी आते ही पैसे 3 अलग-अलग बैंक खातों में बांटें, खर्च होगा कंट्रोल और हर महीने बढ़ेगी बचत

महीने के आखिर में अक्सर लोगों का बैंक अकाउंट खाली हो जाता है. इस परेशानी को दूर करने के लिए आप सैलरी को अलग-अलग खातों में बांट सकते हैं. जानिए कैसे तीन बैंक अकाउंट वाला फॉर्मूला करेगा काम.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 29 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:25 PM IST

अगर महीने की सैलरी खत्म होने से पहले ही बैंक अकाउंट का बैलेंस कम हो जाता है, तो इसकी वजह सिर्फ कम कमाई नहीं हो सकती. कई बार सही तरीके से खर्च करने की योजना न बनाने के कारण भी महीने के आखिर में पैसे नहीं बचते. ऐसे लोगों के लिए सैलरी को अलग-अलग बैंक खातों में बांटना एक आसान तरीका हो सकता है.

क्यों रखने चाहिए अलग-अलग बैंक अकाउंट?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कमाई आते ही पैसे को अलग-अलग हिस्सों में बांटने से खर्च को कंट्रोल करना आसान हो सकता है. इसके लिए तीन बैंक अकाउंट रखे जा सकते हैं. पहला रोजमर्रा के खर्च के लिए, दूसरा बचत और एमरजेंसी स्थिति के लिए और तीसरा निवेश के लिए. इसका सबसे जरूरी नियम है कि एक खाते के पैसे को दूसरे खाते के खर्च में इस्तेमाल न करें.

पहला खाता रोज के खर्च के लिए

पहला बैंक अकाउंट रोजमर्रा की जरूरतों के लिए रखा जा सकता है. इसमें किराया, राशन, बिजली-पानी का बिल, ट्रैवल और खरीदारी जैसे खर्च शामिल किए जा सकते हैं. जब आपके पास खर्च करने के लिए एक तय रकम होगी, तो गैर-जरूरी खरीदारी पर रोक लगाना आसान हो सकता है.

दूसरा खाता बचत के लिए

दूसरा अकाउंट एमरजेंसी फंड और फ्यूचर की जरूरतों के लिए रखा जा सकता है. अचानक मेडिकल खर्च, नौकरी जाने या किसी दूसरी जरूरी स्थिति में यह पैसा काम आ सकता है. इसी खाते में कार, घर या किसी बड़े लक्ष्य के लिए भी धीरे-धीरे पैसे जमा किए जा सकते हैं.

तीसरा खाता निवेश के लिए

तीसरे अकाउंट में हर महीने निवेश के लिए तय रकम रखी जा सकती है. इस पैसे को अपनी जरूरत और जोखिम के हिसाब से SIP, म्यूचुअल फंड या दूसरे निवेश ऑप्शन में लगाया जा सकता है. शुरुआत में छोटी रकम से शुरू करके बाद में निवेश बढ़ाया जा सकता है.

कई बैंक खाते रखने के नुकसान

अलग-अलग खाते रखने से पैसे संभालना आसान हो सकता है, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं. कई खातों में मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी हो सकता है. ऐसा न करने पर बैंक फी ले सकता है. इसके अलावा अलग-अलग खातों में पैसा रखने से बेहतर ब्याज वाले खाते का फायदा कम हो सकता है. कई अकाउंट होने पर उन्हें ट्रैक करना भी मुश्किल हो सकता है.

 

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