Income Tax Return Filing 2026: किसके लिए कौन सा है आईटीआर फॉर्म, ITR-1 या ITR-2 की डेडलाइन छूट गई तो क्या भर सकते हैं ITR-3 Form, जानें क्या कहता है नियम?

ITR Filing 2026: आम टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी आईटीआर दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है. आयकर विभाग ने ITR भरने के लिए 7 अलग-अलग फॉर्म पहले ही नोटिफाई कर दिए हैं. नौकरीपेशा वर्ग, पेंशनर्स, फ्रीलांसर और बिजनेसमैन को आयकर रिटर्न भरने के लिए अपनी इनकम के हिसाब से आईटीआर फॉर्म चुनना होता है. यहां आप जान सकते हैं किसके लिए कौन सा आईटीआर फॉर्म है और क्या ITR-1 या ITR-2 की डेडलाइन छूट गई तो भर सकते हैं ITR-3 Form?

Income Tax Return Filing 2026
मिथिलेश कुमार सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 23 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) यानी आईटीआर (ITR) दाखिल करने के लिए 10 दिन से भी कम का समय बचा है. आम टैक्सपेयर्स के लिए आईटीआर दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है.

आयकर विभाग ने ITR भरने के लिए 7 अलग-अलग फॉर्म पहले ही नोटिफाई कर दिए हैं.  नौकरीपेशा वर्ग (Salaried), पेंशनर्स (Pensioners), फ्रीलांसर (Freelancer) और बिजनेसमैन (Businessman) को आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए अपनी-अपनी इनकम के हिसाब से आईटीआर फॉर्म चुनना होता है. यदि कोई गलत गलत फॉर्म का चुनाव करके आईटीआर भरता है तो वह डिफेक्टिव घोषित हो सकती है. इतना ही नहीं आयकर विभाग (Income Tax Department) से नोटिस भी आ सकता है. ऐसे में सही आईटीआर फॉर्म का और इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि खा ध्यान जरूर रखना चाहिए. यहां आप जान सकते हैं किसके लिए कौन सा आईटीआर फॉर्म है और क्या ITR-1 या ITR-2 की डेडलाइन छूट गई तो ITR-3 Form भर सकते हैं?

ITR भरने के लिए क्या है डेडलाइन 
31 जुलाई 2026:
व्यक्तिगत, वेतनभोगी और जिन पर टैक्स ऑडिट लागू नहीं होता है, वे आईटीआर-1 और आईटीआर-2 फॉर्म 31 जुलाई 2026 तक दाखिल कर सकते हैं. 

31 अगस्त 2026: बिना ऑडिट वाले व्यवसाई और पेशवर आईटीआर-3 और आईटीआर-4 फॉर्म 31 अगस्त 2026 तक दाखिल कर सकते हैं.

31 अक्टूबर 2026: जिन मामलों में टैक्स ऑडिट की जरूरत होती है, वैसे लोग 31 अक्टूबर 2026 तक आईटीआर फॉर्म भर सकते हैं.

नोट: आम टैक्सपेयर्स 31 जुलाई 2026 की डेडलाइन बितने के बाद बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. हालांकि इसके लिए 5000 रुपए तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है. यदि टोटल आय 5 लाख से कम है तो लेट फीस ₹1000 होगी. बकाया टैक्स पर ब्याज देना पड़ सकता है.

कौन भर  सकता है कौन सा ITR फॉर्म 
आपको मालूम हो कि ITR फॉर्म वह माध्यम है, जिसके जरिए एक व्यक्ति अपनी सालाना इनकम, डिडक्शन और उस पर लगने वाले टैक्स की जानकारी भरकर आयकर विभाग को देता है. आयकर विभाग कुल 7 प्रकार के आईटीआर फॉर्म ITR-1, ITR-2, ITR-3, ITR-4, ITR-5, ITR-6, ITR-7 जारी करता है. होते हैं. किस करदाता को कौन सा फॉर्म भरना होगा यह उसकी इनकम पर निर्भर करता है. टैक्सपेयर्स की कुल सालाना  आय कितनी है और व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), कंपनी आदि में से कौन सी श्रेणी में आते हैं, इसे भी फॉर्म का चुनाव करते समय देखा जाता है.

ITR-1 फॉर्म
आईटीआर-1 फॉर्म को सहज फॉर्म भी कहते हैं. इस फॉर्म को देश के सबसे बड़े करदाता वर्ग यानी सैलरीड क्लास दाखिल करता है. आईटीआर 1 फॉर्म उन लोगों के लिए है, जो भारत में रहते हैं और जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपए तक है. इसमें सैलरी, एक घर से होने वाली आय और बैंक ब्याज जैसी दूसरी आय शामिल होती हैं. 50 हजार रुपए की इनकम करने वाला किसान भी इस फॉर्म को भर सकता है.

ITR-2 फॉर्म
आईटीआर-2 फार्म  सैलरी,  पेंशन, मकान, कैपिटल गेन (पूंजीगत लाभ) या अन्य स्रोतों से कमाई करने वाले व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवारों को भरना जरूरी है. यह फॉर्म उन टैक्सपेयर्स के लिए है जिनकी सलाना इनकम 50 लाख रुपए से अधिक है या फिर उनकी कमाई के स्रोत केवल सैलरी तक सीमित न होकर निवेश और संपत्तियों से जुड़े हैं. यह फॉर्म वे लोग भर सकते हैं जिन्हें शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बेचने से कैपिटल गेन हुआ हो. जिनकी देश के बाहर से कोई विदेशी आय हो रही हो. जिनके पास विदेश में कोई संपत्ति या बैंक खाता मौजूद हो. जो किसी कंपनी में डायरेक्टर के पद पर हों. जिन्होंने अनलिस्टेड इक्विटी शेयरों में निवेश किया हो. जिनकी कृषि आय ₹5,000 से अधिक हो या पिछले वर्षों का कोई लॉस कैरी फॉरवर्ड हो.

ITR-3 फॉर्म
आईटीआर-3 फॉर्म उन व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए डिजाइन किया गया है, जो किसी भी प्रकार के व्यापार, खुद के काम या पेशे से मुनाफा कमाते हैं. पार्टनरशिप फर्म में साझेदार फर्म से वेतन, कमीशन, बोनस वगैरा से कमाई हो रही है तो भी ITR-3 दाखिल करना होता है. इसे डॉक्टर, वकील, सीए, फ्रीलांसर, ट्रेडर आदि भर सकते हैं. इस फॉर्म में वेतन, मकान और अन्य स्रोतों से होने वाली आय को भी शामिल किया जा सकता है.

ITR-4 फॉर्म
आईटीआर-4 फॉर्म प्रिजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम का लाभ लेने वाले छोटे व्यापारियों, फ्रीलांसरों और प्रोफेशनल्स के लिए है, जिन्हें विस्तृत अकाउंट बुक्स बनाए रखने की आवश्यकता नहीं होती. ऐसे निवासी व्यक्ति, HUF और फर्में (LLP को छोड़कर) जिनकी कुल आय ₹50 लाख से कम हो, वे इस फॉर्म को दाखिल कर सकते हैं. आईटीआर-4 फॉर्म खासतौर पर उन लोगों के लिए लागू होता है, जिनकी आय आयकर अधिनियम की धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत निर्धारित आय अनुमान योजनाओं के आधार पर गणना की जाती है. नियमित वेतन या पेंशन से होने वाली आय को भी ITR-4 में दिखाया जा सकता है. अन्य स्रोतों से सामान्य आय के साथ ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन कमाने वाले लोग भी इस फॉर्म को दाखिल कर सकते हैं.

ITR-5 फॉर्म
आईटीआर-5 फॉर्म संस्थाओं के लिए होता है. इसे पार्टनरशिप फर्म, LLPs, Associations of Persons (AOPs), Bodies of Individuals (BOIS) भर सकते हैं. मंदिर या धार्मिक संस्था, ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी के लिए ITR-5 होता है. आईटीआर-5 फॉर्म को इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स, कंपनियां या फिर NRI नहीं भर सकते. ऐसे लोग जिनके पास विदेशी आय या संपत्ति हो, वे भी ITR-5 नहीं भर सकते हैं.

ITR-6 फॉर्म
आईटीआर-6 फॉर्म वे कंपनियां भर सकती हैं, जो आयकर अधिनियम 1961 की धारा 11 के तहत धार्मिक या चैरिटी संस्थानों से छूट नहीं लेतीं. इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स और Section 11 के तहत छूट प्राप्त करने वाली कंपनियां इसे नहीं भर सकती हैं.

ITR-7 फॉर्म 
आईटीआर-7 फॉर्म वैसी कंपनियां सहित उन व्यक्तियों के लिए जिन्हें सिर्फ धारा 139 (4ए) या 139 (4बी) या 139 (4सी) या 139 (4डी) के तहत रिटर्न प्रस्तुत करना जरूरी है को आईटीआर-7 फॉर्म दाखिल करना होता है. इस फॉर्म को चैरिटेबल ट्रस्ट, रिसर्च संस्था, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, अस्पताल, समाचार एजेंसियां भरती हैं. राजनीतिक दलों के लिए भी यही फॉर्म होता है.

...तो क्या इस स्थिति में 31 अगस्त तक भर सकते हैं ITR-3 फॉर्म 
ITR-1 या ITR-2 की डेडलाइन छूट गई तो क्या 31 अगस्त तक भर सकते हैं ITR-3 फॉर्म तो इसका जवाब नहीं है.आपको मालूम हो कि आईटीआर फॉर्म का चुनाव उसकी आखिरी तारीख देखकर नहीं, बल्कि आपकी आय के सोर्स के आधार पर होता है. ऐसे में महज इसलिए आईटीआर 3 फॉर्म को नहीं भरा जा सकता क्योंकि उसकी आखिरी तारीख बाद में है. यदि कोई करदाता आईटीआर-1 या ITR-2 फॉर्म भरने के लिए पात्र है तो उसे वही फॉर्म भरना होगा. यदि ऐसा करदाता 31 जुलाई 2026 तक रिटर्न भर नहीं पाता है तो तब भी उसे आईटीआर-3 चुनने का ऑप्शन नहीं मिलता. ऐसे में आईटीआर दाखिल करने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि आपकी आय किस सोर्स से है और कितनी है. फिर उसी के अनुसार सही आईटीआर फॉर्म चुनकर भरें. 


 

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