scorecardresearch

NFC Technology: क्या है एनएफसी? बिना इंटरनेट भी चलेगा UPI, रुपए ट्रांसफर करने के लिए पिन डालने की भी नहीं पड़ेगी जरूरत 

UPI का इस्तेमाल करने वालों के लिए खुशखबरी है. वे जल्द बिना इंटरनेट के भी UPI का इस्तेमाल कर सकेंगे. इतना ही नहीं रुपए ट्रांसफर करने के लिए पिन डालने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. दरअसल यह सुविधा Near Field Communication तकनीक पर आधारित होगी. यहां आप जान सकते हैं कि आखिर NFC तकनीक क्या है?

No need for internet or UPI PIN with NFC No need for internet or UPI PIN with NFC

हमारे देश में इस समय UPI (Unified Payments Interface) का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है. छोटा हो या बड़ा ट्रांजैक्शन मौजूदा समय में UPI इस्तेमाल किए जा रहे हैं. अब UPI का इस्तेमाल करने वालों के लिए खुशखबरी है. वे जल्द बिना इंटरनेट के भी UPI का इस्तेमाल कर सकेंगे. इतना ही नहीं रुपए ट्रांसफर करने के लिए पिन (PIN) डालने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. दरअसल यह सुविधा NFC तकनीक पर आधारित होगी.

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI), जो UPI का संचालन करता है, वह NFC तकनीक को लाने की तैयारी कर रही है. इसके जरिए POS मशीन पर बिना इंटरनेट के स्मार्टफोन को टैप कर पेमेंट किया जा सकेगा. आपको मालूम हो कि शुरुआत में ऑफलाइन ट्रांजैक्शन की लिमिट 2000 रुपए तक रखे जाने की उम्मीद है. इस नई सुविधा से ग्राहक और दुकानदार, दोनों के डिवाइस में इंटरनेट नहीं होने पर भी UPI पेमेंट किया जा सकेगा.

क्या है NFC तकनीक
NFC का फूलफॉर्म Near Field Communications है. NFC तकनीक में QR कोड स्कैन करने या फिर इंटरनेट ऑन रखने की जरूरत नहीं होगी. आपको मालूम हो कि इसके लिए ग्राहक के UPI Lite में बैलेंस होना जरूरी है. इसके साथ ही स्मार्टफोन में NFC सपोर्ट होना चाहिए. इसमें ग्राहक अपने मोबाइल फोन को POS मशीन से टैप करके पेमेंट भुगतान कर सकेंगे. इसमें पिन डालने की भी जरूरत नहीं होगी, इससे पेमेंट पहले से काफी अधिक तेज हो जाएगी. 

आप किसी दुकान या कहीं भी रुपए पेमेंट करने जाएंगे तो NFC सपोर्ट करने वाले फोन को POS मशीन पर टच करना होगा. ऐसा करते ही यह तकनीक वॉलेट से पेमेंट को ऑथराइजेशन को स्टोर कर लेगी. इसके बाद जब भी फोन या मशीन को दोबारा इंटरनेट कनेक्शन मिलेगा तो पेमेंट की जानकारी बैंक को चली जाएगी. आपको मालूम हो कि इस सिस्टम का फायदा दूर-दराज इलाकों के लोगों को होगा, जहां इंटरनेट नेटवर्क में काफी दिक्कत होती है. अंडरग्राउंड जगहों पर यह काफी फायदेमंद होगा. आपको मालूम हो कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के इस कदम से UPI और कार्ड नेटवर्क के बीच एक बड़ा अंतर भी कम हो सकता है. कार्ड नेटवर्क लंबे समय से चिप-बेस्ड तकनीक के जरिए ऑफलाइन पेमेंट की सुविधा देते रहे हैं. 

कुछ ऐसा हो सकता है पेमेंट का तरीका 
1. ग्राहक अपने UPI ऐप से PoS मशीन पर टैप करेगा.
2. ऐसा करते ही पेमेंट की जानकारी डिवाइस में सुरक्षित रूप से दर्ज हो जाएगी.
3. उस समय ग्राहक या PoS मशीन में इंटरनेट होना जरूरी नहीं होगा.
4. नेटवर्क आने के बाद ट्रांजैक्शन की जानकारी वेरिफिकेशन के लिए भेजी जाएगी.
5. पेमेंट की शुरुआती सीमा 2000 तक रहने की बात सामने आई है.

अब PoS पर विस्तार
आपको मालूम हो कि NFC तकनीक की सुविधा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से सितंबर 2023 में शुरू गई UPI Lite X सुविधा पर आधारित होगी. UPI Lite X के जरिए दो NFC-सपोर्टेड स्मार्टफोन के बीच बिना इंटरनेट के पेमेंट की सुविधा दी गई थी. अब इसी ऑफलाइन क्षमता को PoS मशीनों तक ले जाने की तैयारी है. इसका मतलब है कि दुकानदार भी बिना नेटवर्क के UPI पेमेंट स्वीकार कर सकेंगे.