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Life Insurance Cover: ज्यादा इंश्योरेंस कवर हो सकता है आर्थिक बोझ, कम कवर से नहीं मिलेगी पूरी सुरक्षा... आखिर कैसे तय करें अपना इंश्योरेंस?

लोगों के लिए इंश्योरेंस लेना जरूरी है. लेकिन इंश्योरेंस का कवर कितना हो यह जानना उससे ज्यादा जरूरी है. इसकी वजह है कि इससे आप पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ सीधे तौर पर प्रभावित होता है.

Insurance Insurance

जीवन को सुरक्षित करने के लिए लिया था बड़ा बीमा... लेकिन अब प्रीमियम भरना लगने लगा है बोझ... तो अब क्या करें.  इंश्योरेंस लेना तो हर किसी के लिए फायदे का सौदा है. इसकी जरूरत आपके जीवन में किसी भी समय पड़ सकती है. लेकिन सवाल हैं कि आखिर कितने कवर की जरूरत आपके लिए काफी है. क्योकि बड़े कवर का सीधा मतलब होता है बड़ा प्रीमियम, लेकिन अगर कम कवर वाला इंशोरेंस लेते हैं तो लगता है कि यह काफी रहेगा या नहीं. तो ऐसे में कैसे तय करें कितना कवर रहेगा काफी?

कैसे समझें बीमा कवर को?

किसी की भी जिंदगी में शादी.. बच्चे.. नया घर.. होम लोन.. बिजनेस या बढ़ती इनकम जैसे चेंज काफी बड़े फैक्टर होते हैं. शादी, बच्चों, नया घर जैसे फैक्टर के चलते हो सकता है कि आपका पुराना कवर मौजूदा समय में काफी न पड़े. साथ ही अगर आपके बच्चे बड़े हो गए हैं. साथ ही आप और बच्चे फाइनेंशियल तौर पर स्वतंत्र हैं तो शायद आपको पहले जितने कवर की जरूरत न हों. ऐसे में कवर को लेकर काफी सवाल होता है कि किस समय कितना कवर काफी है.

ज्यादा बड़े कवर का नुकसान

कई बार यह सोचकर ज्यादा कवर ले लेते हैं कि सिक्योरिटी बनी रहेगी, लेकिन इसकी दिक्कत होती है कि ऐसे में ज्यादा प्रीमियम देना पड़ता है. जबकि आप इस पैसे को इंवेस्ट कर ग्रो कर सकते हैं, या फिर इमरजेंसी फंड या दूसरे फाइनेंस से जुड़ी चीज़ों में लगा सकते हैं. इसलिए आपके इंश्योरेंस का कवर केवल उतना ही होना चाहिए जितने की आपको जरूरत होती है.

कम इंश्योरेंस लेना भी हो सकता है बड़ी गलती

लेकिन वहीं अगर आपके इंश्योरेंस का कवर बहुत कम है, तो किसी हादसे, बीमारी या परिवार में कमाने वाले मेंबर के न रहने की स्थिति में परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. तो दूसरी तरफ महंगाई भी बढ़ रही है और मेडिकल फेसिलिटी भी कम खर्च वाली नहीं होती है. इसलिए कम कवर भी नुकसानदायक साबित हो सकता है. हो सकता है जो कवर आज से 10 साल पहले काफी था, वह मौजूदा समय में कम महसूस होने लगे.

कितने समय में चेक करें पॉलिसी कवर

एक्सपर्ट्स का मानना हैं कि आपको हर 2 से 3 साल में या लाइफ से जुड़े किसी बड़े बदलाव के बाद अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी के कवर को जरूर देखना चाहिए. इससे आपको पता चल सकेगा कि कब-कब आपको कवर को बढ़ाने या कम करने की जरूरत है. अगर इनकम बढ़ी है या नई जिम्मेदारियां आई हैं, तो कवर बढ़ाना सही फैसला हो सकता है. वहीं, जरूरत कम होने पर पॉलिसी को दोबारा स्ट्रक्चर किया जा सकता है.